बुधवार, 10 अगस्त 2016

   – :: हँसना मना है :: –


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एक दिन – निम्बु, केला और नारियल तीनों साथ में बैठे अपनी-अपनी कहानी सुना रहे थे!!!!!!…..
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1). निम्बु – लोग बड़ी बेरहमी से मुझे बीच में से काटते हैं और पूरी तरह से निचोड़ लेते हैं!!!!
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2). केला- ये तो कुछ भी नहीं,
बेशर्म मुझे तो नंगा कर के खा जाते हैं!!!!!!……
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3). नारियल – अपनी आपबीती सुनाते हुए, ये तो कुछ भी नहीं भाईयो, meri toh badi LOOT hai

साले कमीने मुझे इतना जोर से पत्थर पर मारते हैं कि, मेरी SUSUU निकल जाती है और
उसे भी GLASS🍻 में ले के
पी जाते हैं!!!!!!?????~~~~

सोमवार, 8 अगस्त 2016

*A small story - carrying big message*

हैलो सर , मैं *वृद्धाश्रम* से बोल रहा हूँ , अखबार में आपके कुत्ते का फ़ोटो और विज्ञापन देखा कि वह लापता हो गया है , आपका कुत्ता हमारे वृद्धाश्रम में आ गया है और आपकी *माताजी* के साथ खेल रहा है , आप यहाँ आकर अपने *कुत्ते* को ले जा सकते हैं ।

रविवार, 7 अगस्त 2016

चार कीमती रत्न भेज रही हूमुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इससे जरूर धनवान होंगे ।i*1.पहला रत्न है: "माफी"*तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।*2.दूसरा रत्न है: "भूल जाना"*अपने द्वारा दूसरों के प्रति किये गए उपकार को भूल जाना, कभी भी उस किए गए उपकार का प्रतिलाभ मिलने की उम्मीद मन में न रखना।*3.तीसरा रत्न है: "विश्वास"*हमेशा अपनी महेनत और उस परमपिता परमात्मा पर अटूट विश्वास रखना । यही सफलता का सूत्र है ।*4.चौथा रत्न है: "वैराग्य"*हमेशा यह याद रखना कि जब हमारा जन्म हुआ है तो निशिचत हि हमें एक दिन मरना ही है। इसलिए बिना लिप्त हुवे जीवन का आनंद लेना । वर्तमान में जीना। यही जीवन का असल सच है | 🌷🌷
A for------------any friendB for-----------best friendC for--------- close friendD for---------- dear friendE for-----------ever friendF for-- -------family friendG for ---------good friendH for ----- -helping friendI for-------innocent friendJ for --------- jovial friendK for-----------kind friendL for--------- lovely friendM for---------merry friendN for-------naughty friendO for --------- open friendP for ------personal friendQ for---------- quiet friendS for---------special friendT for----------- true friendU for--- understanding friendV for -------valuable friendW for-----wonderful friendX for----------xelent friendY for----------young friendZ for---------  zealous friendKyunki har dost jaruri hai 😊😊😊😊💐💐💐 Happy Friendship Day💐💐💐
"कृष्ण को सुदामा ने 'Happy Friendship Day'
नहीं बोला था..!"
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"लेकिन वो मित्रता आज भी याद
की जाती है..!"
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"भगवान राम को सुग्रीव ने 'Frienship Band'
नहीं बाँधा था, लेकिन आज
भी वो मित्रता स्मरण करने लायक है..!"
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"क्योकि उन्होंने मित्रता को दिखाने के लिए
सिर्फ एक दिन को ही नहीं चुना था। वे सदैव
मित्र धर्म निभाते थे..!"
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"मित्रों हमलोग भी उन्हीं के वंशज हैं, मुझसे यह
अपेक्षा न करें कि मैं केवल एक दिन
ही मित्रता निभाऊंगा..!"
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"आप सदैव मेरे मित्र रहेंगे। और मैं भी आशा करूंगा की आपका मित्र बना रहूँ।
*💞चार लाइने दोस्तों के नाम💞*

*"काश फिर मिलने की वजह मिल जाए!*
*"साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए!*
*"चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें!*
*"क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए!*

*"मौसम को जो महका दे उसे 'इत्र' कहते हैं!*
*"जीवन को जो महका दे उसे ही 'मित्र' कहते है!*

*"क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं "दोस्त"*
*"क्यूँ गम को बाँट लेते हैं "दोस्त"*
*"न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है!*
*"फिर भी ज़िन्दगी भर का साथ देते हैं "दोस्त"।*
🙏🙏🙏
*Happy Friendship Day*

शनिवार, 6 अगस्त 2016

ओढ़ के तिरंगा क्यों पापा आये है?

माँ मेरा मन बात ये समझ ना पाये है,

ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है।

पहले पापा मुन्ना मुन्ना कहते आते थे,

टॉफियाँ खिलोने साथ में भी लाते थे।

गोदी में उठा के खूब खिलखिलाते थे,

हाथ फेर सर पे प्यार भी जताते थे।

पर ना जाने आज क्यूँ वो चुप हो गए,

लगता है की खूब गहरी नींद सो गए।

नींद से पापा उठो मुन्ना बुलाये है,

ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है।

फौजी अंकलों की भीड़ घर क्यूँ आई है,

पापा का सामान साथ में क्यूँ लाई है।

साथ में क्यूँ लाई है वो मेडलों के हार ,

आंख में आंसू क्यूँ सबके आते बार बार।

चाचा मामा दादा दादी चीखते है क्यूँ,

माँ मेरी बता वो सर को पीटते है क्यूँ।

गाँव क्यूँ शहीद पापा को बताये है,

ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है।

माँ तू क्यों है इतना रोती ये बता मुझे,

होश क्यूँ हर पल है खोती ये बता मुझे।

माथे का सिन्दूर क्यूँ है दादी पोछती,

लाल चूड़ी हाथ में क्यूँ बुआ तोडती।

काले मोतियों की माला क्यूँ उतारी है,

क्या तुझे माँ हो गया समझना भारी है।

माँ तेरा ये रूप मुझे ना सुहाये है,

ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है।

पापा कहाँ है जा रहे अब ये बताओ माँ,

चुपचाप से आंसू बहा के यूँ सताओ ना।

क्यूँ उनको सब उठा रहे हाथो को बांधकर,

जय हिन्द बोलते है क्यूँ कन्धों पे लादकर।

दादी खड़ी है क्यूँ भला आँचल को भींचकर,

आंसू क्यूँ बहे जा रहे है आँख मींचकर।

पापा की राह में क्यूँ फूल ये सजाये है,

ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है।

क्यूँ लकड़ियों के बीच में पापा लिटाये है,

सब कह रहे है लेने उनको राम आये है।

पापा ये दादा कह रहे तुमको जलाऊँ मैं,

बोलो भला इस आग को कैसे लगाऊं मैं।

इस आग में समा के साथ छोड़ जाओगे,

आँखों में आंसू होंगे बहुत याद आओगे।

अब आया समझ माँ ने क्यूँ आँसू बहाये थे,

ओढ़ के तिरंगा पापा घर क्यूँ आये थे ।

Dil ko Chu jaye to share karna