बुधवार, 5 अप्रैल 2017

Bahot pyari post hai please padhna jarur 😊

*गैरहाज़िर  कन्धे*----

विश्वास साहब अपने आपको भाग्यशाली मानते थे। कारण यह था कि उनके दोनो पुत्र आई.आई.टी. करने के बाद लगभग एक करोड़ रुपये का वेतन अमेरिका में प्राप्त कर रहे थे। विश्वास साहब जब सेवा निवृत्त हुए तो उनकी इच्छा हुई कि उनका एक पुत्र भारत लौट आए और उनके साथ ही रहे ; परन्तु अमेरिका जाने के बाद कोई पुत्र भारत आने को तैयार नहीं हुआ, उल्टे उन्होंने विश्वास साहब को अमेरिका आकर बसने की सलाह दी। विश्वास साहब अपनी पत्नी भावना के साथ अमेरिका गये ; परन्तु उनका मन वहाँ पर बिल्कुल नहीं लगा और वे भारत लौट आए।
दुर्भाग्य से विश्वास साहब की पत्नी को लकवा हो गया और पत्नी पूर्णत: पति की सेवा पर निर्भर हो गई। प्रात: नित्यकर्म से लेकर खिलाने–पिलाने, दवाई देने आदि का सम्पूर्ण कार्य विश्वास साहब के भरोसे पर था। पत्नी की जुबान भी लकवे के कारण चली गई थी। विश्वास साहब पूर्ण निष्ठा और स्नेह से पति धर्म का निर्वहन कर रहे थे।
एक रात्रि विश्वास साहब ने दवाई वगैरह देकर भावना को सुलाया और स्वयं भी पास लगे हुए पलंग पर सोने चले गए। रात्रि के लगभग दो बजे हार्ट अटैक से विश्वास साहब की मौत हो गई। पत्नी प्रात: 6 बजे जब जागी तो इन्तजार करने लगी कि पति आकर नित्य कर्म से निवृत्त होने मे उसकी मदद करेंगे। इन्तजार करते करते पत्नी को किसी अनिष्ट की आशंका हुई। चूँकि पत्नी स्वयं चलने में असमर्थ थी , उसने अपने आपको पलंग से नीचे गिराया और फिर घसीटते हुए अपने पति के पलंग के पास पहुँची। उसने पति को हिलाया–डुलाया पर कोई हलचल नहीं हुई। पत्नी समझ गई कि विश्वास साहब नहीं रहे। पत्नी की जुबान लकवे के कारण चली गई थी ; अत: किसी को आवाज देकर बुलाना भी पत्नी के वश में नहीं था। घर पर और कोई सदस्य भी नहीं था। फोन बाहर ड्राइंग रूम मे लगा हुआ था। पत्नी ने पड़ोसी को सूचना देने के लिए घसीटते हुए फोन की तरफ बढ़ना शुरू किया। लगभग चार घण्टे की मशक्कत के बाद वह फोन तक पहुँची और उसने फोन के तार को खींचकर उसे नीचे गिराया। पड़ोसी के नंबर जैसे तैसे लगाये। पड़ौसी भला इंसान था, फोन पर कोई बोल नहीं रहा था, पर फोन आया था, अत: वह समझ गया कि मामला गंभीर है। उसने आस–पड़ोस के लोगों को सूचना देकर इकट्ठा किया, दरवाजा तोड़कर सभी लोग घर में घुसे। उन्होने देखा -विश्वास साहब पलंग पर मृत पड़े थे तथा पत्नी भावना टेलीफोन के पास मृत पड़ी थी। पहले *विश्वास और फिर भावना की मौत* हुई। जनाजा दोनों का साथ–साथ निकला। *पूरा मोहल्ला कंधा दे रहा था परन्तु दो कंधे मौजूद नहीं थे जिसकी माँ–बाप को उम्मीद थी। शायद वे कंधे करोड़ो रुपये की कमाई के भार के साथ अति महत्वकांक्षा से पहले ही दबे हुए थे।*

लोग बाग लगाते हैं फल के लिए
औलाद पालते हैं बुढापे के लिए
लेकिन ......

कुछ ही औलाद अपना फर्ज निभा पाते हैं ।। 🌟अति सुन्दर कहा है एक कवि ने....

*_"मत शिक्षा दो इन बच्चों को चांद- सितारे छूने की।_*
*_चांद- सितारे छूने वाले छूमंतर हो जाएंगे।_*
*_अगर दे सको, शिक्षा दो तुम इन्हें चरण छू लेने की,_*
*_जो मिट्टी से जुङे रहेंगे, रिश्ते वही निभाएंगे....

सोमवार, 3 अप्रैल 2017


❓क्या आपको पता है....❓
      😡क्रोध का पूरा खानदान है..😡

क्रोध की एक लाडली बहन है
             II ज़िद ॥

         क्रोध की पत्नी है
             ॥ हिंसा II

      क्रोध का बडा भाई है
            ॥ अंहकार ॥

क्रोध का बाप जिससे वह डरता है
                ॥ भय ॥

          क्रोध की बेटिया हैं
        ॥ निंदा और चुगली ॥

           क्रोध का बेटा है
                ॥ बैर ॥

  इस खानदान की नकचडी बहू है
                 ॥ ईर्ष्या॥

             क्रोध की पोती है
                 ॥ घृणा ॥

               क्रोध की मां है
                ॥ उपेक्षा ॥

         और क्रोध का दादा है                       
                 ।। द्वेष ।।
  
    तो इस खानदान से हमेशा
  दूर रहें और हमेशा खुश रहो।
इस मेसज को आगे भेजकर सबको  
इस खानदान के बारे जानकारी दे।
              🙏धन्यवाद 🙏
|||||||| "ये ही सत्य हैं" |||||

Qus→   जीवन का उद्देश्य क्या है ?
Ans→  जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!

Qus→  जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ? 
Ans→  जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!

Qus→  संसार में दुःख क्यों है ?
Ans→  लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!

Qus→   संसारमें दुःख की रचना क्यों की ?
Ans→   मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!


Qus→  क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?
 Ans→   कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में 'ईश्वर' कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!

Qus→   भाग्य क्या है ?
Ans→  हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!

Qus→   इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ? 
Ans→   रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!

Qus→   किस चीज को गंवाकर मनुष्यधनी बनता है ?
Ans→   लोभ..!!

Qus→   कौन सा एकमात्र उपाय है जिससे जीवन सुखी हो जाता है? 
Ans →   अच्छा स्वभाव ही सुखी होने का उपाय है..!!

Qus →   किस चीज़ के खो जानेपर दुःख नहीं होता ?
Ans →   क्रोध..!!

Qus→   धर्म से बढ़कर संसार में और क्या है ?
Ans →   दया..!!

Qus→   कौनसी चीज़ दुसरो को नहीं देनी चाहिए ?
Ans→   तकलीफें, धोखा..!!

Qus→   क्या चीज़ है, जो दूसरों से कभी भी नहीं लेनी चाहिए ?
Ans→   इज़्ज़त, किसी की हाय..!! 

Qus→   ऐसी चीज़ जो जीवों से सब कुछ करवा सकती है?
Ans→   मज़बूरी..!!🌸

Qus→   दुनियां की अपराजित चीज़ ?
Ans→  सत्य..!!
         

Qus→ दुनियां में सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ ? Ans→   झूठ..!!💜

Qus→   करने लायक सुकून काकार्य ?
Ans→ परोपकार..!!🌸

Qus→   दुनियां की सबसे बुरी लत ?
Ans→ मोह..!!💝

Qus→   दुनियां का स्वर्णिम स्वप्न ?
Ans→   जिंदगी..!!🍀

Qus→   दुनियां की अपरिवर्तनशील चीज़ ?
Ans→   मौत..!!💜

Qus→   ऐसी चीज़ जो स्वयं के भी समझ ना आये ?
Ans→   अपनी मूर्खता..!!🌸

Qus→   दुनियां में कभी भी नष्ट/ नश्वर न होने वाली चीज़ ?
Ans→   आत्मा और ज्ञान..!!💝

Qus→   कभी न थमने वाली चीज़ ?
Ans→   समय..

रविवार, 2 अप्रैल 2017

एक फ़कीर नदी के किनारे बैठा था किसी ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो?

फ़कीर ने कहा इंतज़ार कर रहा हूँ की पूरी नदी बह जाए तो फिर पार करूँ।

उस व्यक्ति ने कहा कैसी बात करते हो बाबा पूरा जल बहने के इंतज़ार मे तो तुम कभी नदी पार ही नही कर पाओगे।

फ़कीर ने कहा यही तो मै तुम लोगो को समझाना चाहता हूँ,

कि तुम लोग जो सदा यह कहते रहते हो की एक बार जीवन की ज़िम्मेदारियाँ पूरी हो जाएं

तो मौज करूँ, घूमूँ फिरू, सबसे मिलूँ, सेवा करूँ. जैसे नदी का जल खत्म नही होगा हमको इस जल से ही पार जाने का रास्ता बनाना है।

इस प्रकार जीवन खत्म हो जायेगा पर जीवन के काम खत्म नही होंगे. 💐

शनिवार, 1 अप्रैल 2017

🍁🍁🍁 🍁🍁🍁 HABITS MAKES HABITUAL *आदत काम को टालने की...* *आदत मेहनत न करने की....* *आदत लक्ष्य न बनने की ....* *आदत समय को बरबाद करने की...* *आदत दुसरो में कमियां निकलने की..* *आदत बुराई करने की....* *आदत नकारात्मक सोच की...* *आदत देर से सोकर उठने की....* *आदत लोगों का सम्मान न करने की..* *आदत..... आदत...... आदत......* *सिर्फ आदते ही है जो आपको कामयाब या बरबाद कर देती हैं *आप सिर्फ अच्छी आदतें ही अपनाएं क्योंकि सिर्फ अच्छी आदतें ही हमारा भविष्य बनाती है।* *We Create Habits* *Habits Create our Destiny* *All The Best*

🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺

लोग सच कहते हैं -
औरतें बेहद अजीब होतीं है

रात भर पूरा सोती नहीं
थोड़ा थोड़ा जागती रहतीं है
नींद की स्याही में
उंगलियां डुबो कर
दिन की बही लिखतीं
टटोलती रहतीं है
दरवाजों की कुंडियाॅ
बच्चों की चादर
पति का मन..
और जब जागती हैं सुबह
तो पूरा नहीं जागती
नींद में ही भागतीं है

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं

हवा की तरह घूमतीं, कभी घर में, कभी बाहर...
टिफिन में रोज़ नयी रखतीं कविताएँ
गमलों में रोज बो देती आशाऐं

पुराने अजीब से गाने गुनगुनातीं
और चल देतीं फिर
एक नये दिन के मुकाबिल
पहन कर फिर वही सीमायें
खुद से दूर हो कर भी
सब के करीब होतीं हैं

औरतें सच में, बेहद अजीब होतीं हैं

कभी कोई ख्वाब पूरा नहीं देखतीं
बीच में ही छोड़ कर देखने लगतीं हैं
चुल्हे पे चढ़ा दूध...

कभी कोई काम पूरा नहीं करतीं
बीच में ही छोड़ कर ढूँढने लगतीं हैं
बच्चों के मोजे, पेन्सिल, किताब
बचपन में खोई गुडिया,
जवानी में खोए पलाश,

मायके में छूट गयी स्टापू की गोटी,
छिपन-छिपाई के ठिकाने
वो छोटी बहन छिप के कहीं रोती...

सहेलियों से लिए-दिये..
या चुकाए गए हिसाब
बच्चों के मोजे, पेन्सिल किताब

खोलती बंद करती खिड़कियाँ
क्या कर रही हो?
सो गयी क्या ?
खाती रहती झिङकियाँ

न शौक से जीती है ,
न ठीक से मरती है
कोई काम ढ़ंग से नहीं करती है

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

कितनी बार देखी है...
मेकअप लगाये,
चेहरे के नील छिपाए
वो कांस्टेबल लडकी,
वो ब्यूटीशियन,
वो भाभी, वो दीदी...

चप्पल के टूटे स्ट्रैप को
साड़ी के फाल से छिपाती
वो अनुशासन प्रिय टीचर
और कभी दिख ही जाती है
कॉरीडोर में, जल्दी जल्दी चलती,
नाखूनों से सूखा आटा झाडते,

सुबह जल्दी में नहाई
अस्पताल मे आई वो लेडी डॉक्टर
दिन अक्सर गुजरता है शहादत में
रात फिर से सलीब होती है...

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं

सूखे मौसम में बारिशों को
याद कर के रोतीं हैं
उम्र भर हथेलियों में
तितलियां संजोतीं हैं

और जब एक दिन
बूंदें सचमुच बरस जातीं हैं
हवाएँ सचमुच गुनगुनाती हैं
फिजाएं सचमुच खिलखिलातीं हैं

तो ये सूखे कपड़ों, अचार, पापड़
बच्चों और सारी दुनिया को
भीगने से बचाने को दौड़ जातीं हैं...

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

खुशी के एक आश्वासन पर
पूरा पूरा जीवन काट देतीं है
अनगिनत खाईयों को
अनगिनत पुलो से पाट देतीं है.

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

ऐसा कोई करता है क्या?
रस्मों के पहाड़ों, जंगलों में
नदी की तरह बहती...
कोंपल की तरह फूटती...

जिन्दगी की आँख से
दिन रात इस तरह
और कोई झरता है क्या?
ऐसा कोई करता है क्या?

सच मे, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं..

(हमारे जीवन में ख़ुशी, समर्पण और प्रेम बरसाने वाली हर महिला को सादर समर्पित)
🌺🌺🌺🌺🌺🌺

दो बूँद जिंदगी की हर बार। 2 अप्रेल 2017 भूल न जाना , पोलियो बूथ जरूर आना, अपने 0-5 वर्ष तक के बच्चो को पोलियो की दो बूँद अवश्य पिलाना

दो बूँद जिंदगी की हर बार।
2 अप्रेल 2017
भूल न जाना ,
पोलियो बूथ जरूर आना,
अपने 0-5 वर्ष तक के बच्चो को पोलियो की दो बूँद अवश्य पिलाना।🙏🙏
धन्यवाद।

बहुत ही अच्छी स्टोरी है कृपया जरूर पढ़ें 👏
.
एक जौहरी के निधन के बाद उसका
परिवार संकट में पड़ गया।😂😂
,
खाने के भी लाले पड़ गए।😇
,
एक दिन उसकी पत्नी ने अपने 💃बेटे
को नीलम का एक हार
देकर कहा- 'बेटा, इसे अपने चाचा की
दुकान पर ले जाओ।😂
,
कहना इसे बेचकर कुछ रुपये दे दें।😛
,
💃बेटा वह हार लेकर चाचा जी के पास गया।
,
👳चाचा ने हार को अच्छी तरह से देख
परखकर कहा- बेटा,
मां से कहना कि अभी बाजार
बहुत मंदा है।😍
,
थोड़ा रुककर बेचना,
अच्छे दाम मिलेंगे।😍
,
उसे थोड़े से रुपये देकर कहा कि
तुम कल से दुकान पर आकर बैठना।😁😁
,
अगले दिन से वह लड़का रोज दुकान
पर जाने लगा और वहां हीरों
रत्नो की परख का काम सीखने लगा।😍😍
,
एक दिन वह बड़ा पारखी बन गया।
लोग दूर-दूर से अपने हीरे की परख कराने
आने लगे।😍😍
,
एक दिन उसके चाचा ने कहा, बेटा अपनी
मां से वह हार लेकर आना और कहना
कि अब बाजार बहुत तेज है,😍😍
,
उसके अच्छे दाम मिल जाएंगे।😁
,
मां से हार लेकर उसने परखा तो
पाया कि वह तो नकली है।😇😂
,
वह उसे घर पर ही छोड़ कर
दुकान लौट आया।😂😂
,
👳चाचा ने पूछा, हार नहीं लाए?
,
उसने कहा, वह तो नकली था।😊😍
,
तब 👳चाचा ने कहा- जब तुम पहली बार
हार लेकर आये थे, तब मैं उसे
नकली बता देता तो तुम सोचते कि
आज हम पर बुरा वक्त आया तो चाचा
हमारी चीज को भी नकली
बताने लगे।😍
,
आज जब तुम्हें खुद ज्ञान हो गया तो
पता चल गया कि हार सचमुच नकली है।😍
,
सच यह है कि ज्ञान के बिना इस संसार में
हम जो भी सोचते, देखते और जानते हैं,
सब गलत है।😛😂
,
और ऐसे ही गलतफहमी का शिकार
होकर रिश्ते बिगडते है।
Think and Live Long Relationship
ज़रा सी रंजिश पर ,ना छोड़
किसी अपने का दामन.😇
,
ज़िंदगी बीत जाती है
अपनो को अपना बनाने में.😇लोगो को जोड़ने का काम करो नफरत के लिए तो दुनिया पड़ी है