मंगलवार, 7 नवंबर 2017

Mahatma Buddhist

एक आदमी ने भगवान बुद्ध  से पुछा : जीवन का मूल्य क्या है?

बुद्ध  ने उसे एक पत्थर दिया
और कहा : जा और इस पत्थर का
मूल्य पता करके आ , लेकिन ध्यान
रखना पत्थर को बेचना नही है I

वह आदमी पत्थर को बाजार मे एक संतरे वाले के पास लेकर गया और बोला : इसकी कीमत क्या है?

संतरे वाला चमकीले  पत्थर को देख
कर बोला, "12 संतरे लेजा और इसे
मुझे दे जा"

आगे एक सब्जी वाले ने उस चमकीले पत्थर को देखा और कहा
"एक बोरी आलू ले जा और
इस पत्थर को मेरे पास छोड़ जा"

आगे एक सोना बेचने वाले के
पास गया उसे  पत्थर दिखाया सुनार
उस चमकीले पत्थर को देखकर बोला,  "50 लाख मे बेच दे" l

उसने मना कर दिया तो सुनार बोला "2 करोड़ मे दे दे या बता इसकी कीमत जो माँगेगा वह दूँगा तुझे..

उस आदमी ने सुनार से कहा मेरे गुरू
ने इसे बेचने से मना किया है l

आगे हीरे बेचने वाले एक जौहरी के पास गया उसे पत्थर दिखाया l

जौहरी ने जब उस बेशकीमती रुबी को देखा , तो पहले उसने रुबी के पास एक लाल कपडा बिछाया फिर उस बेशकीमती रुबी की परिक्रमा लगाई माथा टेका l

फिर जौहरी बोला , "कहा से लाया है ये बेशकीमती रुबी? सारी कायनात , सारी दुनिया को बेचकर भी इसकी कीमत नही लगाई जा सकती
ये तो बेसकीमती है l"

वह आदमी हैरान परेशान होकर सीधे बुद्ध  के पास आया l

अपनी आप बिती बताई और बोला
"अब बताओ भगवान ,
मानवीय जीवन का मूल्य क्या है?

बुद्ध  बोले :

संतरे वाले को दिखाया उसने इसकी कीमत "12 संतरे" की बताई l

सब्जी वाले के पास गया उसने
इसकी कीमत "1 बोरी आलू" बताई l

आगे सुनार ने "2 करोड़" बताई l
और
जौहरी ने इसे "बेशकीमती" बताया l

अब ऐसा ही मानवीय मूल्य का भी है l

तू बेशक हीरा है..!!
लेकिन,
सामने वाला तेरी कीमत,
अपनी औकात - अपनी जानकारी -  अपनी हैसियत से लगाएगा।

घबराओ मत दुनिया में..
तुझे पहचानने वाले भी मिल जायेगे।

Hearts

*⭕  हृदय परिवर्तन  ⭕*
🕉🌺🕉🌺🕉🌺🕉🌺
♦ एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था । बाल भी सफ़ेद होने लगे थे । एक दिन उसने अपने दरबार में एक उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया । उत्सव को रोचक बनाने के लिए राज्य की सुप्रसिद्ध नर्तकी को भी बुलाया गया ।
♦ राजा ने कुछ स्वर्ण मुद्रायें अपने गुरु जी को भी दीं, ताकि यदि वे चाहें तो नर्तकी के अच्छे गीत व नृत्य पर वे उसे पुरस्कृत कर सकें । सारी रात नृत्य चलता रहा । ब्रह्म मुहूर्त की बेला आयी । नर्तकी ने देखा कि मेरा तबले वाला ऊँघ रहा है, उसको जगाने के लिए नर्तकी ने एक दोहा पढ़ा -
*"बहुत बीती, थोड़ी रही, पल पल गयी बिताय।*
*एक पल के कारने, क्यों कलंक लग जाय ।"*
♦ अब इस दोहे का अलग-अलग व्यक्तियों ने अपने अनुरुप अलग-अलग अर्थ निकाला । तबले वाला सतर्क होकर बजाने लगा ।
♦ जब यह बात गुरु जी ने सुनी तो  उन्होंने सारी मोहरें उस नर्तकी के सामने फैंक दीं ।
♦ वही दोहा नर्तकी ने फिर पढ़ा तो राजा की लड़की ने अपना नवलखा हार नर्तकी को भेंट कर दिया ।
♦ उसने फिर वही दोहा दोहराया तो राजा के पुत्र युवराज ने अपना मुकट उतारकर नर्तकी को समर्पित कर दिया ।
♦ नर्तकी फिर वही दोहा दोहराने लगी तो राजा ने कहा - "बस कर, एक दोहे से तुमने वैश्या होकर भी सबको लूट लिया है ।"
♦ जब यह बात राजा के गुरु ने सुनी तो गुरु के नेत्रों में आँसू आ गए और गुरु जी कहने लगे - "राजा ! इसको तू वैश्या मत कह, ये तो अब मेरी गुरु बन गयी है । इसने मेरी आँखें खोल दी हैं । यह कह रही है कि मैं सारी उम्र संयमपूर्वक भक्ति करता रहा और आखिरी समय में नर्तकी का मुज़रा देखकर अपनी साधना नष्ट करने यहाँ चला आया हूँ, भाई ! मैं तो चला ।" यह कहकर गुरु जी तो अपना कमण्डल उठाकर जंगल की ओर चल पड़े ।
♦ राजा की लड़की ने कहा - "पिता जी ! मैं जवान हो गयी हूँ । आप आँखें बन्द किए बैठे हैं, मेरी शादी नहीं कर रहे थे और आज रात मैंने आपके महावत के साथ भागकर अपना जीवन बर्बाद कर लेना था । लेकिन इस नर्तकी ने मुझे सुमति दी है कि जल्दबाजी मत कर कभी तो तेरी शादी होगी ही । क्यों अपने पिता को कलंकित करने पर तुली है ?"
♦ युवराज ने कहा - "पिता जी ! आप वृद्ध हो चले हैं, फिर भी मुझे राज नहीं दे रहे थे । मैंने आज रात ही आपके सिपाहियों से मिलकर आपका कत्ल करवा देना था । लेकिन इस नर्तकी ने समझाया कि पगले ! आज नहीं तो कल आखिर राज तो तुम्हें ही मिलना है, क्यों अपने पिता के खून का कलंक अपने सिर पर लेता है । धैर्य रख ।"
♦ जब ये सब बातें राजा ने सुनी तो राजा को भी आत्म ज्ञान हो गया । राजा के मन में वैराग्य आ गया । राजा ने तुरन्त फैसला लिया - "क्यों न मैं अभी युवराज का राजतिलक कर दूँ ।" फिर क्या था, उसी समय राजा ने युवराज का राजतिलक किया और अपनी पुत्री को कहा - "पुत्री ! दरबार में एक से एक राजकुमार आये हुए हैं । तुम अपनी इच्छा से किसी भी राजकुमार के गले में वरमाला डालकर पति रुप में चुन सकती हो ।" राजकुमारी ने ऐसा ही किया और राजा सब त्याग कर जंगल में गुरु की शरण में चला गया ।
♦ यह सब देखकर नर्तकी ने सोचा - "मेरे एक दोहे से इतने लोग सुधर गए, लेकिन मैं क्यूँ नहीं सुधर पायी ?" उसी समय नर्तकी में भी वैराग्य आ गया । उसने उसी समय निर्णय लिया कि आज से मैं अपना बुरा धंधा बन्द करती हूँ और कहा कि "हे प्रभु ! मेरे पापों से मुझे क्षमा करना । बस, आज से मैं सिर्फ तेरा नाम सुमिरन करुँगी ।"
♦ समझ आने की बात है, दुनिया बदलते देर नहीं लगती । एक दोहे की दो लाईनों से भी हृदय परिवर्तन हो सकता है । बस, केवल थोड़ा धैर्य रखकर चिन्तन करने की आवश्यकता है
♦ प्रशंसा से पिघलना नहीं चाहिए, आलोचना से उबलना नहीं चाहिए । नि:स्वार्थ भाव से कर्म करते रहें । क्योंकि इस धरा का, इस धरा पर, सब धरा रह जायेगा।
🙏 *ऊँ नमः शिवाय*🌞☁
🍁🌼🍁🌼🍁🌼🍁🌼

Sawdan

सावधान÷ शादी-विवाह का सीजन शुरू होने वाला है जिन लोगों के यहाँ शादी आने वाली है ये उन लोगों के लिए चेतावनी है आप शादी किसी भी स्थान चाहे वो होटल हो लॉज हो या वाटिका हो अथवा धर्मशाला हो आपको सबसे पहले वहाँ देखना चाहिए की cctv कैमरे की व्यवस्था है की नही यदि है तो कैमरे चालू है की नही क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व शादी समारोह मे चोरी करने की नियत से घुस जाते है खासकर जब बारात दरवाजे पर आ रही होती है उस समय स्वागत करने हेतु अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है उसी समय कुछ जेबकतरे मौके का फायदा उठाकर मोबाइल,पर्स,चेन,गहने इत्यादि पार करने की फिराक मे रहते है आप नाच/गाने मे इतने मगरूर होते है की आप कुछ समय के लिए मस्ती मे डूब जाते है ये लोग खासकर सुरा प्रेमीयों को अपना शिकार आसानी से बना लेते है बदमाश मौके को ताड़ते रहते है मौका मिलते ही ये बदमाश अपने हाथ की सफाई दिखाकर घटना स्थल से गायब हो जाते है और आप इन्हें ढूंढते रह जाते है इसलिए जिस वक्त बारात दरवाजे पर खड़ी हो उस समय आपको बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि महिलाएं जेवर से लदी रहती है और डांस करने मे व्यस्त रहती है ये जेबकट निगाह गड़ा कर तफ़्तीश करते रहते है कभी-कभी रास्ते मे भी डांस करते समय ज्वेलरी गिरने का डर रहता है इसलिए शादी मे एन्जॉय करिये पूरे होश के साथ.... इसके अलावा कई बार छोटे बच्चे चढाये के जेवर और नगदी का बैग किसके हाथ मे है उस पर भी निगाह रखते है आपके कपड़ो पर कुछ ऐसा डाल देते है जिससे आपको बैग इधर/उधर रखकर कपड़े साफ करना पड़ जाये और ये आपका बेग ही उड़ाकर चम्पत हो जाते है इस तरह की घटना पूर्व मे कई लोगोँ के साथ घटित हो चुकी है इसलिए आपको पहले से ही आगाह किया जाना हमने उचित समझा है। #सावधानी हटी-दुर्घटना घटी#

सोमवार, 6 नवंबर 2017

एक औरत थी,
जो अंधी थी❗
जिसके कारण उसके बेटे को
स्कूल
में बच्चे चिढाते थे❗
कि अंधी का बेटा आ गया,❗
हर बात पर उसे ये शब्द
सुनने
को मिलता था कि "अन्धी
का बेटा" ❗
इसलिए वो अपनी माँ से
चिडता था ❗ उसे
कही भी अपने
साथ लेकर जाने में
हिचकता था❗
उसे नापसंद करता था..❗
उसकी माँ ने उसे पढ़ाया..
और उसे इस लायक बना
दिया की वो अपने पैरो
पर
खड़ा हो सके..
लेकिन जब वो बड़ा आदमी
बन
गया तो अपनी माँ को
छोड़
अलग रहने लगा..❗
एक दिन एक बूढी औरत
उसके घर
आई और गार्ड से बोली..
मुझे तुम्हारे साहब से
मिलना है जब गार्ड ने
अपने मालिक से
बोल तो मालिक ने कहा
कि बोल
दो मै अभी घर पर नही हूँ.❗
गार्ड ने जब बुढिया से
बोला कि वो अभी नही
है..‼
तो वो वहा से चली
गयी..‼
थोड़ी देर बाद जब लड़का
अपनी कार से
ऑफिस के लिए
जा रहा होता है..❗
तो देखता है कि सामने
बहुत भीड़
लगी है..❗
और जानने के लिए कि वहा
क्यों भीड़
लगी है वह
वहा गया तो देखा उसकी
माँ वहा मरी पड़ी थी..❗
उसने
देखा की उसकी मुट्ठी में
कुछ है❗उसने जब
मुट्ठी खोली तो देखा की
एक
लेटर जिसमे यह
लिखा था कि बेटा जब तू
छोटा था तो खेलते वक़्त
तेरी आँख में सरिया धंस
गयी थी और तू
अँधा हो गया था तो मैंने
तुम्हे
अपनी आँखे दे दी थी..❗
इतना पढ़ कर लड़का जोर-
जोर से
रोने लगा..❗
उसकी माँ उसके पास नही

सकती थी..
दोस्तों वक़्त रहते ही
लोगो की वैल्यू
करना सीखो..❗
माँ-बाप का कर्ज हम
कभी नही चूका सकत..
हमारी प्यास का अंदाज़
भी अलग है
दोस्तों,❗
कभी समंदर को ठुकरा देते
है,
तो कभी आंसू तक पी जाते
है..‼
"बैठना भाइयों के बीच,
चाहे "बैर" ही क्यों ना
हो..💞
और खाना माँ के हाथो
का,
चाहे "ज़हर" ही क्यों ना
हो..‼...

Little stories

*6 छोटी-छोटी  कहानियाँ*
        
                ( 1 )

*एक बार गाँव वालों ने यह निर्णय लिया कि बारिश ☔के लिए ईश्वर से प्रार्थना🙏 करेंगे , प्रार्थना के दिन सभी गाँव वाले एक जगह एकत्रित हुए , परन्तु एक बालक🙇 अपने साथ छाता 🌂भी लेकर आया ।*
                  👇
               
        *🔔    इसे कहते हैं  🔔*
              *🎄  आस्था🎄*

                  🌾
                ( 2 )

*👶जब आप एक बच्चे को हवा में उछालते हैं तो वह हँसता 😀 है , क्यों कि वह जानता है कि आप उसे पकड़ लेंगे ।*
                 👇
             
         *🐾इसे कहते हैं🐾*
           *✌ विश्वास✌*

                  🌾
                ( 3 )

*🌜प्रत्येक रात्रि को जब हम सोने के लिए जाते हैं तब इस बात की कोई गारण्टी नहीं है कि सुबह☀ तक हम जीवित रहेंगे भी कि नहीं , फिर भी हम घड़ी ⏰ में अलार्म लगाकर सोते हैं ।*
                 👇
      *💡इसे कहते हैं*
      *🌞आशा(उम्मीद)🌞*
    

                   🌾
                 ( 4 )

*हमें भविष्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है फिर भी हम आने वाले कल के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाते हैं ।*
                
                 👇
      *👉 इसे कहते हैं👈*
      *💪 आत्मविश्वास💪*
---------------------------------------
                  🌾
                ( 5 )
*💞  हम देखरहे हैं कि दुनियाँ कठिनाइयों से जूझरही है फिर भी हम शादी 🎎 करते हैं ।*          
                 👇
    *🎵  इसे कहते हैं 🎵*
           *💘  प्यार  💘*
    
                  
                    🌾
                   ( 6 )

*👍 एक 60 साल की उम्र वाले व्यक्ति की शर्ट पर एक शानदार वाक्य लिखा था , "मेरी उम्र 60 साल नहीं है , मैं तो केवल मधुर - मधुर 16 साल का हूँ , 44 साल के अनुभव के साथ ।"*

                  👇
      *👊 इसे कहते हैं 👊*
         *👀  नज़रिया  👀*
           ---------------

*जीवन खूबसूरत है , इसे सर्वोत्तम के लिए जियो।*

*संसार में केवल मनुष्य ही ऐसा एकमात्र प्राणी है*
*जिसे ईश्वर ने हंसने का गुण दिया है, इसे खोईए मत.*

*"बिखरने दो होंठों पे हंसी के फुहारों को*
*दोस्तों,*
*प्यार से बात कर लेने से जायदाद कम नहीं होती है*

*इन्सान तो हर घर में पैदा होते हैं....!!*
*बस इंसानियत कहीं-कहीं जन्म लेती है.*

Shri Krishna

एक बार यशोदा माँ यमुना मे दीप दान कर रही थी, वो पत्ते मे दीप रखकर प्रवाह कर रही थी । उन्होंने देखा कि कोई दीप आगे नही जा रहा...
ध्यान से देखा तो कान्हा जी एक लकडी लेकर जल से सारे दीप बाहर निकाल रहे थे,  तो माँ कहती है "लल्ला तू ये का कर रहो है...?" कान्हा कहते है.. "मैया, ये सब डूब रहे थे तो मै इन्हे बचा रहा हूँ...."
माँ ये सब सुनकर हँसने लगी और बोली
"लल्ला, तू केको केको बचायेगा.."
ये सुनकर कान्हा जी ने बहुत सुन्दर जवाब दिया... 
"माँ मैने  सबको ठेको थोडी न ले रखो है।
जो मेरी ओर आएंगे उनको बचाऊंगा..."

इसलिये हमेशा भगवान के सम्पर्क मे रहें..

​       !! जयश्रीकृष्ण !!
💐🙏💐

Tab

~~ तब ~~

एक तौलिया से पूरा घर नहाता था।
दूध का नम्बर बारी-बारी आता था।
छोटा माँ के पास सो कर इठलाता था।
पिताजी से मार का डर सबको सताता था।
बुआ के आने से माहौल शान्त हो जाता था।
पूड़ी खीर से पूरा घर रविवार व् त्यौहार मनाता था।
बड़े भाई के कपड़े छोटे होने का इन्तजार रहता था।
स्कूल मे बड़े भाई की ताकत से छोटा रौब जमाता था।
बहन-भाई के प्यार का सबसे बड़ा नाता था।
धन का महत्व कभी सोच भी न पाता था।
बड़े का बस्ता किताबें साईकिल कपड़े खिलोने पेन्सिल स्लेट स्टाईल चप्पल सब से मेरा नाता था।
मामा-मामी नाना-नानी पर हक जताता था।
एक छोटी सी सन्दुक को अपनी जान से ज्यादा प्यारी तिजोरी बताता था।
                        
                   ~~ अब ~~

तौलिया अलग हुआ, दूध अधिक हुआ,
माँ तरसने लगी, पिता जी डरने लगे,
बुआ से कट गये, खीर की जगह पिज्जा बर्गर मोमो आ गये,
कपड़े भी व्यक्तिगत हो गये, भाईयो से दूर हो गये,
बहन के प्रेम की जगह gf आ गई,
धन प्रमुख हो गया,अब सब नया चाहिये,
नाना आदि औपचारिक हो गये।
बटुऐ में नोट हो गये।
कई भाषायें तो सीखे मगर संस्कार भूल गये।
बहुत पाया मगर काफी कुछ खो गये।
रिश्तो के अर्थ बदल गये,
हम जीते तो लगते है
पर संवेदनहीन हो गये।

कृपया सोचें ,
कहां थे, कहां पहुँच गये।