रविवार, 2 दिसंबर 2018

आज का ज्ञान

           ~  स्त्री के बगैर  ~
     पुरुष की जिंदगी 👉 बेकार है.
उसे हमेशा एक स्त्री का साथ चाहिए.
   फिर वो चाहे मन्दिर हो या संसार.

मंदिर में कृष्ण के साथ --> *राधा*
               राम के साथ --> *सीता*
            शंकर के साथ --> *पार्वती*

       सुबह से रात तक मनुष्य को
            अपने हर काम में
              *एक स्त्री की*
          आवश्यकता होती ही है.

       पढ़ते समय --> *विद्या*
                फिर --> *लक्ष्मी*
       और अंत में -->  *शाँति*
दिन की शुरुआत --> *ऊषा* के साथ,
दिन की समाप्ति --> *संध्या* से होती है.
   किन्तु काम तो --> *अन्नपूर्णा* के
                           लिये ही करना है.

    रात यानी --> *निशा* के समय भी
                         *निंदिया रानी*
     सोने के बाद --> *सपना*

मंत्रोच्चार के लिये --> *गायत्री*
          ग्रंथ पढ़ें तो --> *गीता*

  👇 मंदिर में भगवान के सामने 👇
          *वंदना, पूजा, अर्चना*
            *आरती, आराधना*
                और ये सब भी ...
   केवल --> *श्रद्धा* के साथ.

       अंधेरा हो तो  --> *ज्योति*

       अकेलापन लग रहा हो तो -->
         *प्रेमवती* एवं  *स्नेहा*

          लड़ाई लड़ने जायें तो -->
         *जया* और *विजया*

      बुढ़ापे में --> *करुणा* वो भी
                  --> *ममता* के साथ.

    गुस्सा आ जाए, तब --> *क्षमा*

   इसीलिए तो धन्य है --> स्त्री जाति
    जिसके  बगैर ~ पुरुष अधूरा है.

      मुझे *आशा* है, कि आप
  मेरी *भावना* को समझ चुके होंगे.

Today is *COUPLE'S DAY*

Always Respect, Care n Love this *Relationship*.
This is a *Beautiful Gift* Given By *God*

          *पति-पत्नी*

एक बनाया गया *रिश्ता*...

पहले कभी एक दूसरे को *देखा* भी नहीं था...
अब सारी *जिंदगी* एक दूसरे के साथ |                       पहले *अपरिचित*, फिर धीरे धीरे होता *परिचय* |
धीरे-धीरे होने वाला *स्पर्श*,
फिर *नोकझोंक*....*झगड़े*...बोलचाल *बंद* |
कभी *जिद*, कभी *अहम का भाव*..........

फिर धीरे धीरे बनती जाती *प्रेम पुष्पों* की *माला*
फिर *एकजीवता*, *तृप्तता* |

वैवाहिक जीवन को *परिपक्व* होने में *समय* लगता है |
धीरे धीरे जीवन में *स्वाद और मिठास* आती है...
ठीक वैसे ही जैसे *अचार* जैसे जैसे *पुराना* होता जाता है, उसका *स्वाद* बढ़ता जाता है.......

*पति पत्नी* एक दूसरे को अच्छी प्रकार *जानने समझने* लगते हैं,
*वृक्ष* बढ़ता जाता है,*
*बेलें फूटती* जातीं हैं,
*फूल*आते हैं, *फल* आते हैं,
रिश्ता और *मजबूत* होता जाता है, धीरे-धीरे बिना एक दूसरे के *अच्छा* ही नहीं लगता |

*उम्र* बढ़ती  जाती है, दोनों एक दूसरे पर अधिक *आश्रित* होते जाते हैं, एक दूसरे के बगैर *खालीपन* महसूस होने लगता है |

फिर धीरे-धीरे मन में एक *भय का निर्माण* होने लगता है,

              "ये चली गईं तो मैं कैसे जिऊँगा"........??
               "ये चले गए तो मैं कैसे जीऊँगी"..........??

अपने मन में *घुमड़ते इन सवालों* के बीच जैसे, खुद का *स्वतंत्र अस्तित्व* दोनों भूल जाते हैं |

कैसा अनोखा *रिश्ता*...
कौन कहाँ का और एक बनाया गया रिश्ता |

               *"पति-पत्नी"*

       "Happy Couples Day"  सभी शादीशुदा जोड़ो को समर्पित

*विवाह एक भरोसा है,*
                            *समर्पण है |*
*तारीफ उस स्त्री की*
             *जिसने खुद का घर* *छोड़ दिया*
      और*
*धन्य है वो पुरुष,*
            जिसने अंजान स्त्री को
              घर सौंप दिया ..........* *Dedicated to all Couples*

बुधवार, 28 नवंबर 2018

Network Marketing धैर्य का Business है।

         नेटवर्क इंडस्ट्री (Direct Selling) के बारे में जितना जान लें उतना कम हैं
क्योंकि  यह इंडस्ट्री ढेरों और बड़ी  सफलताओं का एक सच्चा रास्ता है...
इसकी ताकत एक आम  इंसान की सोच से परे है...
इसका रिज़ल्ट उम्मीदों से कंही ज्यादा आता
है...
लेकिन कुछ दोस्त अक्सर जल्दी के चक्कर में हताश Depression का शिकार हो जाते है  जबकि ये केवल व्यापार ही नहीं बल्कि अनगिनत आदर्शों का मिलन है।
जैसे :-
1. खुद का बिज़नेस
2. शोहरत का माध्यम
3. मान सम्मान
4. जरूरतमंदों का सहारा
5. नौकरशाही से छुटकारा
6. दूसरों की सहायता
7. बड़ी इनकम का ज़रिया
8. दूसरों को अवसर देने की लगातार प्रक्रिया
9. भविष्य की योजना
10. सही सपनों का चुनाव।

सबसे पहली बात यह है कि यह बिज़नेस एक लंबे समय की प्लानिंग है...
मैं आप सभी दोस्तों को यह सलाह देना चाहता हूँ कि
आप इसे भूलकर भी शॉर्ट टाइम  के लिये न चुनें...??
क्योंकि
अक्सर लोग जल्दी रिज़ल्ट के चक्कर में इस इंडस्ट्री में कदम रखते है और उन्हे कोई फायदा नहीं होता...
क्योंकि  अगर बुनियादी सोच ही गलत होगी ....तो
उस पर खड़ी होने वाली इमारत भी कमज़ोर ही होगी...
जब एक नेटवर्कर यही सोचकर इस Network Marketing मे उतरता है की बस जल्दी से लखपति और करोड़पति बनना है ....तो
यही सोच एक खतरनाक
सोच बन जाती है और उस पर कुछ नहीं टिक सकता..
उदाहरण के लिए  - अगर एक नेटवर्कर किसी कंपनी में ज्वाईन (Join) होने के बाद केवल चार - छ: महीनों में रिज़ल्ट
न मिलने पर दूसरी कंपनी ज्वाईन कर लेता है ….
तो क्या गारंटी है की वो दूसरी कंपनी में टिक
पायेगा....?
और वो तीसरी कंपनी के बारे में सोचेगा...
फिर वह चौथी कंपनी के बारे में जानकारी
लेगा... और उसे भी ज्वाईन कर लेगा...
इस तरह से वह केवल एक से दो साल के अंदर-अंदर कई सारी कम्पनियों में जुड़कर आखिर हताश हो
जायेगा....
और अपनी फेस वॅल्यू (Face Value) खो देगा...
दुनिया में हर चीज़ के साथ एक नियम है ओर इस बिजनेस मे सफलता का भी एक नियम है कि
जब तक नेटवर्कर  Education System नेटवर्किंग के नियमों को जान नहीं पाता..
तब तक उसके साथ कई दुविधाएँ हो सकती हैं...
यह तो हम सभी जानते है कि सिर्फ एक बार बारिश
होने से नदी में पानी नहीं भरता न ही बाढ़ आती है ?
धावक एक छलांग लगा देने से कई किलोमीटर की दूरी नहीं पार कर सकता है....
तो फिर नेटवर्किंग में यह कैसे संभव हो सकता है ....?
Network Marketing कोई जादू नहीं है ...जंहा आपने कहा ...
आबरा का डाबरा ..गिली गिली ..छू.....और
आप लखपति और करोड़पति बन जायेंगे...
अक्सर लोग यही कहते है की ज्वाइन करो ये company आपको करोड़पति बना देगी । नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नस में करोड़पति तो क्या अरबपति बी बना जा सकता है और लोग बने भी है पर एक अच्छी कंपनी में बेहतरीन काम कर के नाकि घर बैठे बैठे  रातो रात इन लुभावनी बातो में न आवे।  

धनयवाद ।... ग्राहक जाग्रति अभियान

*Positive attitude*
एक घर के पास काफी दिन से एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था।
वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे।

*रोज कोई बच्चा इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...*

*इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल  जाते,*
पर...

केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए रोज गार्ड बनता था।

*एक दिन मैंने देखा कि* ...

उन बच्चों को खेलते हुए रोज़ देखने वाले एक व्यक्ति ने कौतुहल से गार्ड बनने वाले बच्चे को पास बुलाकर पूछा....

*"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजिन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"*

इस पर वो बच्चा बोला...
*"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पीछे वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे... और मेरे पीछे कौन खड़ा रहेगा....?*
*इसीलिए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हूँ।*

*"ये बोलते समय मुझे उसकी आँखों में पानी दिखाई दिया।*

*आज वो बच्चा मुझे जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...*

*अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उसमें कोई न कोई कमी जरुर रहेगी....*

वो बच्चा माँ-बाप से ग़ुस्सा होकर रोते हुए बैठ सकता था। परन्तु ऐसा न करते हुए उसने परिस्थितियों का समाधान ढूंढा।

*हम कितना रोते हैं?*
कभी अपने *साँवले रंग* के लिए, कभी *छोटे क़द* के लिए,
कभी पड़ौसी की *बडी कार,*
कभी पड़ोसन के *गले का हार,* कभी अपने *कम मार्क्स,*
कभी *अंग्रेज़ी,*
कभी *पर्सनालिटी,*
कभी *नौकरी की मार* तो
कभी *धंदे में मार*...
हमें इससे बाहर आना पड़ता है....
*ये जीवन है... इसे ऐसे ही जीना पड़ता है।*
*चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी डिप्रेशन में नहीं आती,*
*वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है,*
*मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं।*
*तुलना से बचें और खुश रहें ।*
*ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़..!!!*
*मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..!!!*
           
            स्नेह वंदन  
 
*"परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती,*
*समस्या इस लिए बनती है, क्योंकि हमें उन परिस्थितियों  से लड़ना नहीं आता।"*
                ¸.•*""*•.¸
                    🌹
     *सदा मुस्कुराते रहिए*
         *Be positive*😊😊

रविवार, 25 नवंबर 2018

कभी तानों में कटेगी,
कभी तारीफों में;
ये जिंदगी है यारों,
पल पल घटेगी !
पाने को कुछ नहीं,
ले जाने को कुछ नहीं;
फिर भी क्यों चिंता करते हो !
इससे सिर्फ खूबसूरती घटेगी,
ये जिंदगी है यारों पल पल घटेगी !!

बार बार रफू करता रहता हूँ,
...जिन्दगी की जेब !!
कम्बखत फिर भी, निकल जाते हैं...,
खुशियों के कुछ लम्हें !!

ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही...
ख़्वाहिशों का है !!
ना तो किसी को गम चाहिए,
ना ही किसी को कम चाहिए !!

खटखटाते रहिए दरवाजा...,
एक दूसरे के मन का;
मुलाकातें ना सही,
आहटें आती रहनी चाहिए !!

उड़ जाएंगे एक दिन ...,
तस्वीर से रंगों की तरह!
हम वक्त की टहनी पर...,
बेठे हैं परिंदों की तरह !!

बोली बता देती है,इंसान कैसा है!
बहस बता देती है, ज्ञान कैसा है!
घमण्ड बता देता है, कितना पैसा है !
संस्कार बता देते है, परिवार कैसा है !!

ना राज़* है... "ज़िन्दगी",
ना नाराज़ है... "ज़िन्दगी";
बस जो है, वो आज है, ज़िन्दगी!

मिलने को तो हर शख्स,
हमसे बड़ा एहतराम से मिला,
पर जो भी मिला...,
किसी ना किसी काम से मिला !!

जीवन की किताबों पर,
बेशक नया कवर चढ़ाइये;
पर...बिखरे पन्नों को,
पहले प्यार से चिपकाइये !!!

शनिवार, 17 नवंबर 2018

V

*Krill oil*  with meal 2 capsules for two month n then 1 capsule per day for maintenance.

*Flaxseed* 1 capsule twice daily after meal.

*L-Arginine* 1sachet with one glass of water empty stomach.

*CoQ10* 1capsule twice daily after meal.

*Calcium* 2-4 capsules per day after meal.

*Glucosamine* 1capsule thrice daily after meal.

*Spirulina* 1-2 capsule after/before meal.

*Noni* 1-2 capsules before meal.

*Alovera* 1-2 capsule daily after meal.

*Amla* 1-2 capsule daily after meal.

*Colostrum* 1-2 capsules daily after meal.

*Ganoderma* 1-2 Capsule per day before after meal.

*Fibre* 1 tablespoon with glass of water before meal.

*Hoodia plus* 1capsule before meal.

*Protein* one tablespoon.

*Neem* 1-2 capsule before after meal.

*Stevia* replace it with sugar.

*Glucohealth* 2capsules thrice daily before meal.

*Procard* 1-2 capsules twice daily after meal.

*Toxclean* 1capsule thrice daily after meal.

*Vital complex* 1 Capsule twice daily before meals.

*Liverhealth* 1capsule thrice daily after meal.

*Kidneyhealth* 1capsule thrice daily after meal.

*Respocare* 1capsule thrice daily after meal.

शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

*कृपया जीवन की*
*अति महत्वपूर्ण बातें*जरूर पड़े*

🌸1. घर में सेवा पूजा करने वाले जन भगवान के एक से अधिक स्वरूप की सेवा पूजा कर सकते हैं ।

🌸2. घर में दो शिवलिंग की पूजा ना करें तथा पूजा स्थान पर तीन गणेश जी नहीं रखें।

🌸3. शालिग्राम जी की बटिया जितनी छोटी हो उतनी ज्यादा फलदायक है।

🌸4. कुशा पवित्री के अभाव में स्वर्ण की अंगूठी धारण करके भी देव कार्य सम्पन्न किया जा सकता है।

🌸5. मंगल कार्यो में कुमकुम काo तिलक प्रशस्त माना जाता हैं।

🌸6.  पूजा में टूटे हुए अक्षत के टूकड़े नहीं चढ़ाना चाहिए।

🌸7. पानी, दूध, दही, घी आदि में अंगुली नही डालना चाहिए। इन्हें लोटा, चम्मच आदि से लेना चाहिए क्योंकि नख स्पर्श से वस्तु अपवित्र हो जाती है अतः यह वस्तुएँ देव पूजा के योग्य नहीं रहती हैं।

🌸8. तांबे के बरतन में दूध, दही या पंचामृत आदि नहीं डालना चाहिए क्योंकि वह मदिरा समान हो जाते हैं।

🌸9. आचमन तीन बार करने का विधान हैं। इससे त्रिदेव ब्रह्मा-विष्णु-महेश प्रसन्न होते हैं।

🌸10.  दाहिने कान का स्पर्श करने पर भी आचमन के तुल्य माना जाता है।

🌸11. कुशा के अग्रभाग से दवताओं पर जल नहीं छिड़के।

🌸12. देवताओं को अंगूठे से नहीं मले।

🌸13. चकले पर से चंदन कभी नहीं लगावें। उसे छोटी कटोरी या बांयी हथेली पर रखकर लगावें।

🌸15. पुष्पों को बाल्टी, लोटा, जल में डालकर फिर निकालकर नहीं चढ़ाना चाहिए।

🌸16. श्री भगवान के चरणों की चार बार, नाभि की दो बार, मुख की एक बार या तीन बार आरती उतारकर समस्त अंगों की सात बार आरती उतारें।

🌸17. श्री भगवान की आरती समयानुसार जो घंटा, नगारा, झांझर, थाली, घड़ावल, शंख इत्यादि बजते हैं उनकी ध्वनि से आसपास के वायुमण्डल के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। नाद ब्रह्मा होता हैं। नाद के समय एक स्वर से जो प्रतिध्वनि होती हैं उसमे असीम शक्ति होती हैं।

🌸18. लोहे के पात्र से श्री भगवान को नैवेद्य अपर्ण नहीं करें।

🌸19. हवन में अग्नि प्रज्वलित होने पर ही आहुति दें।

🌸20. समिधा अंगुठे से अधिक मोटी नहीं होनी चाहिए तथा दस अंगुल लम्बी होनी चाहिए।

🌸21. छाल रहित या कीड़े लगी हुई समिधा यज्ञ-कार्य में वर्जित हैं।

🌸22.  पंखे आदि से कभी हवन की अग्नि प्रज्वलित नहीं करें।

🌸23. मेरूहीन माला या मेरू का लंघन करके माला नहीं जपनी चाहिए।

🌸24.  माला, रूद्राक्ष, तुलसी एवं चंदन की उत्तम मानी गई हैं।

🌸25. माला को अनामिका (तीसरी अंगुली) पर रखकर मध्यमा (दूसरी अंगुली) से चलाना चाहिए।

🌸26.जप करते समय सिर पर हाथ या वस्त्र नहीं रखें।

🌸27. तिलक कराते समय सिर पर हाथ या वस्त्र रखना चाहिए।

🌸28. माला का पूजन करके ही जप करना चाहिए।

🌸29. ब्राह्मण को या द्विजाती को स्नान करके तिलक अवश्य लगाना चाहिए।

🌸30. जप करते हुए जल में स्थित व्यक्ति, दौड़ते हुए, शमशान से लौटते हुए व्यक्ति को नमस्कार करना वर्जित हैं।

🌸31.  बिना नमस्कार किए आशीर्वाद देना वर्जित हैं।

🌸32.  एक हाथ से प्रणाम नही करना चाहिए।

🌸33.  सोए हुए व्यक्ति का चरण स्पर्श नहीं करना चाहिए।

🌸34. बड़ों को प्रणाम करते समय उनके दाहिने पैर पर दाहिने हाथ से और उनके बांये पैर को बांये हाथ से छूकर प्रणाम करें।

🌸35. जप करते समय जीभ या होंठ को नहीं हिलाना चाहिए। इसे उपांशु जप कहते हैं। इसका फल सौगुणा फलदायक होता हैं।

🌸36. जप करते समय दाहिने हाथ को कपड़े या गौमुखी से ढककर रखना चाहिए।

🌸37. जप के बाद आसन के नीचे की भूमि को स्पर्श कर नेत्रों से लगाना चाहिए।

🌸38. संक्रान्ति, द्वादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, रविवार और सन्ध्या के समय तुलसी तोड़ना निषिद्ध हैं।

🌸39. दीपक से दीपक को नही जलाना चाहिए।

🌸40. यज्ञ, श्राद्ध आदि में काले तिल का प्रयोग करना चाहिए, सफेद तिल का नहीं।

🌸41. शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाना चाहिए। पीपल की सात परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करना श्रेष्ठ है, किन्तु रविवार को परिक्रमा नहीं करनी चाहिए।

🌸42. कूमड़ा-मतीरा-नारियल आदि को स्त्रियां नहीं तोड़े या चाकू आदि से नहीं काटें। यह उत्तम नही माना गया हैं।

🌸43. भोजन प्रसाद को लाघंना नहीं चाहिए।

🌸44.  देव प्रतिमा देखकर अवश्य प्रणाम करें।

🌸45. किसी को भी कोई वस्तु या दान-दक्षिणा दाहिने हाथ से देना चाहिए।

🌸46. एकादशी, अमावस्या, कृृष्ण चतुर्दशी, पूर्णिमा व्रत तथा श्राद्ध के दिन क्षौर-कर्म (दाढ़ी) नहीं बनाना चाहिए ।

🌸47. बिना यज्ञोपवित या शिखा बंधन के जो भी कार्य, कर्म किया जाता है, वह निष्फल हो जाता हैं।

🌸48. यदि शिखा नहीं हो तो स्थान को स्पर्श कर लेना चाहिए।

🌸49. शिवजी की जलहारी उत्तराभिमुख रखें ।

🌸50. शंकर जी को बिल्वपत्र, विष्णु जी को तुलसी, गणेश जी को दूर्वा, लक्ष्मी जी को कमल प्रिय हैं।

🌸51. शंकर जी को शिवरात्रि के सिवाय कुंुकुम नहीं चढ़ती।

🌸52. शिवजी को कुंद, विष्णु जी को धतूरा, देवी जी  को आक तथा मदार और सूर्य भगवानको तगर के फूल नहीं चढ़ावे।

🌸53 .अक्षत देवताओं को तीन बार तथा पितरों को एक बार धोकर चढ़ावंे।

🌸54. नये बिल्व पत्र नहीं मिले तो चढ़ाये हुए बिल्व पत्र धोकर फिर चढ़ाए जा सकते हैं।

🌸55. विष्णु भगवान को चांवल, गणेश जी  को तुलसी, दुर्गा जी और सूर्य नारायण  को बिल्व पत्र नहीं चढ़ावें।

🌸56. पत्र-पुष्प-फल का मुख नीचे करके नहीं चढ़ावें, जैसे उत्पन्न होते हों वैसे ही चढ़ावें।

🌸57.  किंतु बिल्वपत्र उलटा करके डंडी तोड़कर शंकर पर चढ़ावें।

🌸58. पान की डंडी का अग्रभाग तोड़कर चढ़ावें।

🌸59. सड़ा हुआ पान या पुष्प नहीं चढ़ावे।

🌸60. गणेश को तुलसी भाद्र शुक्ल चतुर्थी को चढ़ती हैं।

🌸61. पांच रात्रि तक कमल का फूल बासी नहीं होता है।

🌸62. दस रात्रि तक तुलसी पत्र बासी नहीं होते हैं।

🌸63. सभी धार्मिक कार्यो में पत्नी को दाहिने भाग में बिठाकर धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करनी चाहिए।

🌸64. पूजन करनेवाला ललाट पर तिलक लगाकर ही पूजा करें।

🌸65. पूर्वाभिमुख बैठकर अपने बांयी ओर घंटा, धूप तथा दाहिनी ओर शंख, जलपात्र एवं पूजन सामग्री रखें।

🌸66.  घी का दीपक अपने बांयी ओर तथा देवता को दाहिने ओर रखें एवं चांवल पर दीपक रखकर प्रज्वलित करें।
🌿🌸आप सभी के श्री चरणों में प्रार्थना है अगर हो सके तो और लोगों को भी  आप इन महत्वपूर्ण बातों से अवगत करा सकते है