शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

*मेडिकल चेतावनी*

जापानी Doctors के एक समूह ने पुष्टि की है कि कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को हल करने में गर्म पानी 100% प्रभावी है।
जैसे कि :-
1 माइग्रेन
2 High BP
3 Low BP
4 जोड़ों के दर्द
5 दिल की धड़कन की अचानक तेज़ी और कमी
6 मिर्गी
7 Cholestrol का बढ़ता Level
8 खांसी
9 शारीरिक असुविधा
10 गोलु दर्द
11 अस्थमा
12 पुरानी खांसी
13 नसों के रुकावट
14 Uterus और Urine से संबंधित रोग
15 पेट समस्याओं
16 भूख की कमी
17 आँखें, कान और गले से संबंधित सभी बीमारियां भी
18 सिरदर्द

Warm water का उपयोग कैसे करें ??

सुबह जल्दी उठें और Toilet से फारिग होने के बाद लगभग 4 गिलास गर्म पानी (लग भग 1 से सवा लीटर) पीयें। शुरू में 4 गिलास पीने में असुविधा हो सकती है लेकिन धीरे धीरे आप आदत बना लेंगे।

नोट: गर्म पानी (बिल्कुल चाय की तरह से गर्म नहीं) लेने के बाद 45 मिनट के अंदर कुछ भी नहीं खाएं।

गर्म जल उपचार उचित अवधि के भीतर स्वास्थ्य समस्याओं को हल करेगा जैसे :
🤙30 दिनों में diabetese पर प्रभाव
🤙30 दिनों में BP पर प्रभाव
🤙10 दिनों में पेट की समस्याएं
🤙9 महीनों में सभी प्रकार के कैंसर पर प्रभाव
🤙6 महीनों में नसों की रुकावट में काफी कमी
🤙10 दिनों में भूख की कमी दूर
🤙10 दिनों में UTERUS और संबंधित रोग
🤙10 दिनों में नाक, कान और गले की समस्याएं
🤙15 दिनों में महिला समस्याएं
🤙30 दिनों में हृदय रोग
🤙3 दिनों में सिरदर्द / माइग्रेन
🤙4 महीने में CHOLESTROL
🤙 9 महीनों में लगातार मिर्गी और पक्षाघात
🤙4 महीने में अस्थमा

🙀 ठंडा पानी आपके लिए खराब है।

अगर ठंडा पानी आपको कम उम्र में प्रभावित नहीं करता है, तो यह आपको बुढ़ापे में नुकसान पहुंचाएगा।
🙀 ठंडा पानी दिल के 4 नसों को बंद कर देता है, और दिल का दौरा पड़ सकता है।
🙀 COLD DRINK हार्ट अटैक का मुख्य कारण है

🙀 यह LEVER में भी समस्याएं पैदा करता है।
🙀 यह  FAT को जिगर के साथ चिपका देता है। जिगर प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रहे अधिकांश लोग ठंडे पानी पीने के शिकार हैं।

🙀 ठंडा पानी पेट की आंतरिक दीवारों को और कैंसर में बड़ी आंत को प्रभावित करता है।

True n Touching 💗😌

*स्त्री तुम*
*पुरुष न हो पाओगी....*
*वो कठोर दिल*
*कहाँ से लाओगी....*

ज्ञान की तलाश क्या
सिर्फ बुद्ध को थी?
क्या तुम नहीं पाना चाहती
वो ज्ञान?

किन्तु जा पाओगी,
अपने पति परमेश्वर
और नवजात शिशु
को छोड़कर....

तुम तो उनपर
जान लुटाओगी....
उनके लिये अपने भविष्य को
दाँव पर लगाओगी...
उनकी होंठो के
एक मुस्कुराहट के लिए
अपनी सारी खुशियो की
बलि चढ़ाओगी....

*स्त्री तुम*
*पुरुष न हो पाओगी....*
*वो कठोर दिल*
*कहाँ से लाओगी....*

क्या राम बन पाओगी????
क्या कर पाओगी
अपने पति का परित्याग,
उस गलती के लिए
जो उसने की ही नहीं????

ले पाओगी
उसकी अग्निपरीक्षा
उसके नाज़ायज़ सबंधो
के लिए भी????

क्षमा कर दोगी उसकी
गलतियों के लिए,
हज़ार गम पीकर भी मुस्काओगी....

*स्त्री तुम*
*पुरुष न हो पाओगी....*
*वो कठोर दिल*
*कहाँ से लाओगी....*

क्या कृष्ण बन पाओगी????
जोड़ पाओगी अपना नाम
किसी परपुरुष के साथ????

जैसे कृष्ण संग राधा....
अगर तुम्हारा नाम जुड़ा....
तो तुम चरित्रहीन कहलाओगी....
तुम मुस्कुराकर
बात भी कर लोगी,
तो भी कलंकिनी
कुलटा कहलाओगी....

*स्त्री तुम*
*पुरुष न हो पाओगी........*
*वो कठोर दिल*
*कहाँ से लाओगी.......*

क्या युधिष्ठिर बन पाओगी????
जुए में पति को
हार जाओगी?????
तुम तो उसके
सम्मान की खातिर,
दुर्गा चंडी हो जाओगी...
खुद को कुर्बान कर जाओगी......
मौत भी आये तो ,
उसके समक्ष
अभय खड़ी हो जाओगी।

*स्त्री तुम*
*पुरुष न हो पाओगी.......*
*वो कठोर दिल*
*कहाँ से लाओगी.......*

*रहने दो तुम*
*ये सब...क्योंकि...*

तुम नाजुक हो,
तुम सरल हो,
तुम सहज हो,
तुम निश्चल हो,
तुम निर्मल हो,
तुम कोमल हो,
तुम जीवन हो,
तुम प्रेम ही प्रेम हो,

*ईश्वर की अद्भुत सुंदरतम*
*कृति हो तुम....*

*"स्त्री हो तुम"*

💐💐💐💐

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

यदि आप पति हो और कभी एकदम सुबह 4.00 बजे जाग जाओ, और चाय पीने की इच्छा हो जाए, जो कि......स्वाभाविक है,‌ तो आप सोचेंगे कि.....चाय खुद ही बनाऊं या प्रिय अर्धांगिनी को जगाने का दुःसाहस करूँ....?

दोनों ही स्थितियों में आपको निम्नलिखित भयंकर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है..... और आप कुछ भी करो, आपको..."चार बातें"...तो सुननी ही है, जो ‌कि वास्तव में 40-50 से कम नहीं होती हैं...!

● पहली परिस्थिति:
*आपने खुद ही चाय बनाई...!!*

आपने यदि खुद चाय बना ली,  तो सुबह-सुबह ब्रह्म- मुहूर्त में आठ बजे जब भार्या जागेगी तब, आपको सुनना ही है:---- 

*क्या ज़रूरत थी खुद बनाने की, मुझे जगा देते, पूरी पतीली "जला कर", रख दी, और वह "दूध की पतीली" थी, "चाय वाली" नीचे रखी है "दाल भरकर"....!!*

विश्लेषण:---- ‌चाय खुद बनाने से पत्नी दुखी हुई / शर्मिंदा हुई / अपने अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ से भयाक्रांत हुई  / या कुछ और, आप कभी भी समझ नहीं पाएंगे, दूसरा ये कि......"दूध की पतीली"  में  "चाय" बनाना तो गुनाह है, लेकिन  "चाय की पतीली"  में  "दाल"  भरकर रखी जा सकती है....??

● दूसरी परिस्थिति:---

*आपने पत्नी को चाय बनाने के लिए जगा दिया...!!*

यदि आपने गलती से भी पत्नी को जगा दिया तो, आप सुनने के लिए तैयार रहिये:----

*‌"मेरी तो किस्मत ही ख़राब है, एक काम नहीं आता इस आदमी को, पिताजी ने जाने क्या देखा था? आधी रात को चाय चाहिए इन्हे....

अभी अभी तो, पीठ सीधी की थी और इनकी फरमाइशें हैं कि, ख़त्म ही नहीं हो रही हैं, दिन देखते हैं, न रात....??

*चाय बनकर, पी कर ख़त्म भी हो जाएगी पर 'श्लोक-सरिता' का प्रवाह अनवरत, अविरल चालता ही रहेगा...!!*

● तीसरी परिस्थिति:---

एक अन्य विचित्र परिस्थिति....!!

*यदि आप चाय खुद बना रहे हैं.......*

और शक्कर के डिब्बे में शक्कर आधा चम्मच बची है, तो आपके दिमाग में विचार आएगा ही कि बड़े डिब्बे से निकालकर इसमें टॉप-अप कर देता हूँ, यदि आपने ऐसा किया तो पता है क्या सुनोगे....?? 

शायद आप सोच रहे होंगे कि, आपने बहुत शाबाशी वाला काम कीया, नहीं बल्कि आपको....शर्तिया ये सुनना पड़ेगा

*"किसने कहा था शक्कर निकालने को ? मुझे वह डिब्बा, आज मँजवाना था"*

निष्कर्ष:----  संसार में पत्नी की नजरों में पति नाम का जो जीव होता है, उसमे अकल का बिल्कुल ही अभाव  होता है...!!

*"सर्व-गुण-संपन्न"*......
तो उसके *"पापा"* होते हैं, और या फिर *"उज्जैन-वाले-जीजाजी"*..

*इसलिए सभी पतियों को, मेरी सलाह है कि,  कभी सुबह-सुबह नींद खुल जाए, तो वापस मुंह ढांक कर सो जाएं, उसी में भलाई है...!!*

जनहित में जारी....

बुधवार, 16 जनवरी 2019

एक दिन एक बहू ने गलती से यज्ञवेदी में थूक दिया  !!!

सफाई कर रही थी, मुंह में सुपारी थी..... पीक आया तो वेदी में थूक दिया पर उसे यह देखकरआश्चर्य हुआ कि उतना थूक तत्काल स्वर्ण में बदल गया है।

अब तो वह प्रतिदिन जान बूझकर वेदी में थूकने लगी। और उसके पास धीरे धीरे स्वर्ण बढ़ने लगा।
महिलाओं में बात तेजी से फैलती है। कई और महिलाएं भी अपने अपने घर में बनी यज्ञवेदी में थूक-थूक कर सोना उत्पादन करने लगी।

धीरे धीरे पूरे गांव में यह सामान्य चलन हो गया,
सिवाय एक महिला के...

उस महिला को भी अनेक दूसरी महिलाओं ने उकसाया..... समझाया.....
“अरी..... तू क्यों नहीँ थूकती ?”

“महिला बोली..... जी बात यह है कि मै अपने पति की अनुमति बिना यह कार्य हरगिज नहीँ करूंगी और जहाँ तक मुझे ज्ञात है वे इसकी अनुमति कभी भी नहीँ देंगे।”

किन्तु ग्रामीण महिलाओं ने ऐसा वातावरण बनाया..... कि आखिर उसने एक रात डरते डरते अपने ‎पति‬ को पूछ ही लिया।

“खबरदार जो ऐसा किया तो..... !! यज्ञवेदी क्या थूकने की चीज है ?”

पति की गरजदार चेतावनी के आगे बेबस वह महिला चुप हो गई.... पर जैसा वातावरण था और जो चर्चाएं होती थी, उनसे वह साध्वी स्त्री बहुत व्यथित रहने लगी।

खास कर उसके सूने गले को लक्ष्य कर अन्य स्त्रियां अपने नए नए कण्ठ-हार दिखाती तो वह अन्तर्द्वन्द में घुलने लगी।

पति की व्यस्तता और स्त्रियों के उलाहने उसे धर्मसंकट में डाल देते। वह सोचती थी कि -
“यह शायद मेरा दुर्भाग्य है..... अथवा कोई पूर्वजन्म का पाप..... कि एक सती स्त्री होते हुए भी मुझे एक रत्ती सोने के लिए भी तरसना पड़ता है।”

“शायद यह मेरे पति का कोई गलत निर्णय है।”
“ओह  !!!  इस धर्माचरण ने मुझे दिया ही क्या है ?”
“जिस नियम के पालन से ‎दिल‬ कष्ट पाता रहे। उसका पालन क्यों करूं ?”

...और हुआ यह कि वह बीमार रहने लगी। ‎

पतिदेव‬ इस रोग को ताड़ गए। उन्होंने एक दिन ब्रह्म मुहूर्त में ही सपरिवार ग्राम त्यागने का निश्चय किया।

गाड़ी में सारा सामान डालकर वे रवाना हो गए। सूर्योदय से पहले पहले ही वे बहुत दूर निकल जाना चाहते थे।

किन्तु.....
अरे   !!!  यह क्या..... ???

ज्यों ही वे गांव की कांकड़ (सीमा) से बाहर निकले।
पीछे भयानक विस्फोट हुआ।
पूरा गांव धू धू कर जल रहा था।

सज्जन दम्पत्ति अवाक् रह गए
और उस स्त्री को अपने पति का महत्त्व समझ आ गया।

वास्तव में..... इतने दिन गांव बचा रहा, तो केवल इस कारण..... कि धर्म आचरण करने वाला उसका परिवार, गांव की परिधि में था।

*धर्माचरण करते रहे.....*
*कुछ पाने के लालच में इंसान बहुत कुछ खो बैठता है......इसलिए लालच से बचें.....*

*न जाने किसके भाग्य से आपका जीवन सुखमय व सुरक्षित है*

*परहित धर्म का भी पालन करते रहिए*
*क्योंकि.....व्यक्तिगत स्वार्थ पतन का कारण बनता है*


*Flax seed oil  benefit

*अलसी के तेल के जीवनरक्षक फायदे*
हमारी अलसी के बीज की पोस्ट तो क्रन्तिकारी रही लेकिन अब जानिए उसके तेल के फायदे।
*फ्लैक्स सीड आयल, जिसे अलसी के बीज का तेल या लिनसीड तेल भी कहा जाता है, पूर्णतः शाकाहारी है।*
किन्तु इसमें मछली के तेल के मुकाबले
*Omega-3 50% ज़्यादा है,*
*Fatty acid और Omega-6 20% ज़्यादा एवं लिग्नैंस (lignans) वो भी अनाज से कई सौ गुना ज़्यादा होता है।*
यह कई बिमारियों व लक्षणों में बहुत लाभदायक है जैसे कि
*Cardiovascular system,*
*Immune system,*
*Circulatory system,*
*Reproductive system,*
*Nervous system,*
*Joints pain,*
*Heart disease*
*आंत्र रोग* जैसे *Inflammatory Bowel syndrome,*
*Arthritis,*
*Unbalanced Heart Condition*
*कर्क (cancer) रोग निवारक,*
*Prevent Cancer,*
*एड्स मरीजों की हड्डियों के इलाज में सिर्फ इसी तेल लेने की इ्जाजत होती है,*
*Help in treatment of Aids.*

*यह कर्क रोग के दुष्प्रभाव को कम करने में काफी मददगार है और कई तरह के कर्क रोगों को बढ़ने से रोकता है।*
Inhibits further growth of cancer.

*यह कैल्शियम को शरीर में समाने में मदद करता है।*
Improves Absorption of Calcium in body.

*मासिक धर्म से पूर्व के दर्द व कष्ठों को भी कम करने में काफी उपयोगी है।*
Gives relief from discomfort in PMS.

इसमें खनिज तत्व व विटामिन जैसे
*Vitamin B1, B2, B6, Potassium, Lecithin, Magnesium, Fibre, Protein, Copper, Iron , Manganese, Phosphorous, Sodium, Zinc बेमिसाल है, जो शरीर को बलवान और रोग रोधी बनाते है।*

*खून को गाढ़ा होने से थक्का बनने से रोकता है।* Atherosclerosis

*ब्लड प्रेशर तकलीफ से पीड़ित मरीजों को राहत देता है।*
(Lowers high Blood pressure)

*रक्त पैलेट्स को कम चिपचिपा बनाता है।*
(Makes blood platelets less Sticky)

*जिगर की कार्यशैली को बढ़ाता है*
(Contribute to effective liver function)

*इन्सुलिन की आवश्यकता को कम करता है जिससे डायबिटीज मलाइटिस के रोगियों को आराम मिलता है।*
(Gives relief in diabetes- Lowers insulin requirement)

*नज़र तेज करता है और रंग दोष में सुधार लाता है*
(Improves eyesight & Colour perception)

*वसा को पिघलाता है* (Facilitates Weight loss by increasing Metabolic rate)

*मांसपेशियों की थकान से जल्दी उभर पाते है।*
*(Faster recovery from muscle fatigue)*

*यह खराब कोलेस्ट्रोल कम करता है और ह्रदय के लिए रामबाण औषधि है।*

सोमवार, 7 जनवरी 2019

👉देवताओं ने सिर्फ राक्षसों
को ही हराया।
मुगलों और अंग्रेजों को क्यों नहीं हराया...?

👉महिषासुर को मार कर "दुर्गा",  देवी कहलाई,
और बलात्कारियों को मार कर "फूलन देवी", डाकू क्यों कहलाई???

👉पहले तो धड़ाधड़ अवतार जन्म लेते थे !
शिक्षा का युग आते ही अवतारों की नसबंदी क्यूं हो गई ???

👉आस्था ही अंधविश्वास की जननी है।
आस्था मूत्र पिला रही है
और नारियल का शुद्ध पानी फिकवा रही है।

👉भारत दुनिया का इकलौता देश है जहाँ मिट्टी की मूर्ति को देवी कह कर कपड़ा पहनाया जाता है और जिन्दा औरत को नंगा करके घुमाया जाता है!

👉अफसोस इस बात का नहीं कि “धर्म” का धंधा हो रहा है,
बल्कि अफसोस तो इस बात का है कि पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है....!!!

👉पिता जी का पता नहीं?
और माता जी की जय-जय, वाह रे अन्धभक्तों।😛😛

👉नौ दिन #मिटटी की मुर्ति के लिए भूखे-नंगे रह लेंगें,
लेकिन जिस माँ ने #नौ माह पेट में पाला उसके लिए भी कभी नौ दिन भूखे रह के दिखाओ????
#मानसिक गुलाम

👉एडिसन ने बल्ब बनाया यह सारी दुनिया जानती है।
लेकिन ब्रह्मा ने दुनिया बनाई यह केवल भारत जानता है।
   ई रांग नम्बर है।

👉महसूस किया है उस जलते हुए रावण का दुख,
जो सामने खड़ी भीड़ से बार- बार पूछ रहा है, आप में सेे राम कौन है????

👉अर्थ हमारे व्यर्थ हो रहे हैं, पापी पुतले अकड़ खड़े हैं।
काग़ज़ के रावण मत फूँकों, ज़िंदा रावण बहुत पड़े हैं।।

👉पूरी दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहाँ लहसुन, प्याज खाने से पाप लगता है।
दलाली, रिस्वत, हराम की कमाई खाने से पाप नहीं लगता।।

👉अगर यूपी वालों ने मंदिर की जगह फैक्टरियां लगाने के लिये वोट किया होता, तो आज मार खाने गुजरात नहीं जाना पड़ता।

#दिमाग की बत्ती जलाओ...
#अंधविश्वास भगाओ???