सोमवार, 5 नवंबर 2018

*धन की परिभाषा*

👌जब कोई बेटा या बेटी ये कहे कि मेरे माँ बाप ही मेरे भगवान् है….ये है “धन”*👍

👌जब कोई माँ बाप अपने बच्चों के लिए ये कहे कि ये हमारे कलेजे की कोर हैं….ये है “धन”* 👍

👌शादी के 19 साल बाद भी अगर पति पत्नी एक दूसरे से कहें ।
I Love you…
*ये है “धन”* 👍

👌कोई सास अपनी बहु के लिए कहे कि ये मेरी बहु नहीं बेटी है और कोई बहु अपनी सास के लिए कहे कि ये मेरी सास नहीं मेरी माँ है……
*ये है “धन”*👍

👌जब कोई अतिथि कुछ दिन आपके घर रहने के पशचात् जाते समय दिल से कहे  की आपका घर …घर नहीं मंदिर है….
ये है “धन”*👍

*मेरी प्रभु से प्रार्थना  हम सबको  ऐसे ही "परम धन” की प्राप्ति हो...*

शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

*विज्ञान हमें कहां से कहां ले आया!!*

*पहले*:-वो कुँए का मैला पानी
पीकर भी 100 वर्ष जी लेते थे!
*अब* :-RO का शुद्ध पानी
पीकर 40वर्ष में बुढ़े हो रहे हैं!

*पहले*:-वो घानी का मैला तेल
खाके बुढ़ापे में मेहनत करते थे।
*अब*:-हम डबल-फ़िल्टर तेल
खाकर जवानी में हाँफ जाते हैं

*पहले*:-वो डेले वाला नमक
खाके बीमार ना पड़ते थे।
*अब*:-हम आयोडीन युक्त खाके
हाई-लो बीपी लिये पड़े हैं !

*पहले* :-वो नीम-बबूल,कोयला
नमक से दाँत चमकाते थे,और
80 वर्ष तक भी चबाके खाते थे
*अब*:-कॉलगेट सुरक्षा वाले
डेंटिस्ट के चक्कर लगाते हैं!

*पहले* :-वो नाड़ी पकड़कर
रोग बता देते थे
*अब*:-आज जाँचे कराने
पर भी रोग नहीं जान पाते हैं!

*पहले*:-वो 4-5बच्चे जन्मने
वाली माँ 80वर्ष की अवस्था में
भी खेत का काम करती थी।
*अब* :-पहले महीने से डॉक्टर
की देख-रेख में रहते हैं |फिर भी
बच्चे पेट फाड़कर जन्मते हैं!

*पहले* :-काले गुड़ की मिठाइयां
ठोक-ठोक के खा जाते थे !
*अब*:-खाने से पहले ही
शुगर की बीमारी हो जाती है!

*पहले* :-बुजुर्गों के भी
घुटने नहीं दुखते थे !
*अब* :-जवान भी घुटनों
और कमर दर्द से कहराता है!

*पहले*:- 100w के बल्ब
जलाते थे तो बिजली का बिल
200 रुपये आता था !
*अब*:-9w की c.f.l में
2000 का बिल आता है!

*आखिर समझ मे नहीं आता ये*
*विज्ञान का युग है या अज्ञान का?*

*एकान्त मे शान्त चित से पढ़ें  "ये ही सत्य हैं"

*Qus→   जीवन का उद्देश्य क्या है ?*
Ans→  जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!

*Qus→  जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ?
Ans→  जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!

*Qus→  संसार में दुःख क्यों है ?*
Ans→  लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!

*Qus→  ईश्वर ने दुःख की रचना क्यों की ?*
Ans→  ईश्वर ने संसारकी रचना की और मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!

*Qus→  क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?*
Ans→   कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में 'ईश्वर' कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!

*Qus→   भाग्य क्या है ?*
Ans→  हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!

*Qus→   इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?*
Ans→   रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!

*Qus→   किस चीज को गंवाकर मनुष्यधनी बनता है ?*
Ans→   लोभ..!!

*Qus→   कौन सा एकमात्र उपाय है जिससे जीवन सुखी हो जाता है?*
Ans →   अच्छा स्वभाव ही सुखी होने का उपाय है..!!

*Qus →   किस चीज़ के खो जानेपर दुःख नहीं होता ?*
Ans →   क्रोध..!!

*Qus→   धर्म से बढ़कर संसार में और क्या है ?*
Ans →   दया..!!

*Qus→   क्या चीज़ दुसरो को नहीं देनी चाहिए ?*
Ans→   तकलीफें, धोखा..!!

*Qus→   क्या चीज़ है, जो दूसरों से कभी भी नहीं लेनी चाहिए ?*
Ans→   इज़्ज़त, किसी की हाय..!! 

*Qus→   ऐसी चीज़ जो जीवों से सब कुछ करवा सकती है?*
Ans→   मज़बूरी..!!

*Qus→   दुनियां की अपराजित चीज़ ?*
Ans→  सत्य..!!

*Qus→ दुनियां में सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ ?*
Ans→   झूठ..!!

*Qus→   करने लायक सुकून काकार्य ?*
Ans→ परोपकार..!!

*Qus→   दुनियां की सबसे बुरी लत ?*
Ans→ मोह..!!

*Qus→   दुनियां का स्वर्णिम स्वप्न ?*
Ans→   जिंदगी..!!

*Qus→   दुनियां की अपरिवर्तनशील चीज़ ?*
Ans→   मौत..!!

*Qus→   ऐसी चीज़ जो स्वयं के भी समझ ना आये ?*
Ans→   अपनी मूर्खता..!!

*Qus→   दुनियां में कभी भी नष्ट/ नश्वर न होने वाली चीज़ ?*
Ans→   आत्मा और ज्ञान..!!

*Qus→   कभी न थमने वाली चीज़ ?*
Ans→   समय..

बुधवार, 31 अक्टूबर 2018

मम्मा कहाँ है ? ? ? ? ....

मम्मा को दिखा दो . . . .
मम्मा को देख लूँ . . . . . . . .
मम्मा कहाँ गयी . . .
उम्र - दो साल

मम्मी . . .कहाँ हो ? ?
मैं स्कूल जाऊँ . . . . .
अच्छा bye
मुझे आपकी याद आती है स्कूल में
उम्र - चार साल

मम्मा . . . .
लव यू
आज टिफिन में क्या भेजोगी ?
मम्मा स्कूल में बहुत होम वर्क मिला है
उम्र - आठ साल

पापा मम्मा कहाँ है ? ? ?
स्कूल से आते ही मम्मी नहीं दिखती तो अच्छा नहीं लगता
उम्र - बारह साल

मम्मी आप पास बैठो ना
खूब सारी बातें करनी है आपसे
उम्र - चौदह साल

ओफ्फो मम्मी
समझो ना . . . .
आप पापा से कह दो ना आज पार्टी में जाने दें
उम्र - अठारह साल

क्या माँ . . . . ज़माना बदल रहा है
आपको कुछ नहीं पता
समझते ही नहीं हो
उम्र - बाईस साल

माँ . . . माँ . .
जब देखो नसीहतें देती रहती हो
मैं दुध पीता बच्चा नहीं
उम्र - पच्चीस साल

माँ . . . . वो मेरी पत्नी है
आप समझा करो ना . . .
आप अपनी मानसिकता बदलो
उम्र - अठाईस साल

माँ . . . . वो भी माँ है
उसे आता हैं बच्चों को सम्भालना
हर बात में दखलंदाजी नहीं किया करो
उम्र - तीस साल

और उस के बाद . . . .
माँ को कभी पूछा ही नहीं . .
माँ कब बूढ़ी हो गयी पता ही नहीं उसे

माँ तो आज भी वो ही हैं . . .
बस उम्र के साथ बच्चों के अंदाज़ बदल जाते हैं . .

फ़िर एक दिन . . . . .
माँ . . . माँ . . . . . चुप क्यों हो? ? ? ?
बोलो ना . . .
पर माँ नहीं बोलती . . . .
खामोश हो गयी
उम्र - पचास साल

माँ . . . दो साल से पचास साल के इस परिवर्तन को समझ ही नहीं पायी . .
क्योंकि माँ के लिये तो पचास साल का भी प्रौढ़ भी बच्चा ही हैं . . . .वो बेचारी तो अंत तक बेटे की छोटी सी बीमारी पर वैसे ही तड़प जाती जैसे उस के बचपन में तडपती थी....

और बेटा...माँ के जाने पर ही जान पाता है कि उसने क्या अनमोल खजाना खो दिया......

ज़िन्दगी बीत जाती है, कुछ अनकही और अनसुनी बातें बताने कहने के लिए, माँ का सदा आदर सत्कार करें,उन्हें भी समझें और कुछ अनमोल वक्त उनके साथ भी बिताएं क्योंकि वक्त गुज़र जाता है , लेकिन माँ कभी वापिस नहीं मिलती
Dedicated to all mothers

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

*```एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा```*

*```8 रोने लगा```*...

*``` पूछा मुझे क्यों मारा```* ..?

,

*``` 9 बोला```*...

,

*```मैं बड़ा हु इसलिए मारा```*..

,

*```सुनते ही 8 ने 7 को मारा```*

*```और 9 वाली बात दोहरा दी```*

,

*```7 ने 6 को```*..

*```6 ने 5 को```*..

*```5 ने 4 को```*..

*```4 ने 3 को```*..

*```3 ने 2 को```*..

*```2 ने 1 को```*..

,

*```अब 1 किसको मारे 1 के निचे तो 0 था```* !

,

1 ने उसे मारा नहीं

बल्कि प्यार से उठाया

और उसे अपनी बगल में

बैठा लिया

,

जैसे ही बैठाया...

उसकी ताक़त 10 हो गयी..!

और 9 की हालत खराब हो गई.

,

जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,

कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,

दूर हो या पास...क्या फर्क पड़ता हैं,

,

"अनमोल रिश्तों"

का तो बस "एहसास" ही काफी हैं !

,

किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,

कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!

,

डरिये वक़्त की मार से,

बुरा वक़्त किसी को बताकर नही आता..!

,

अकल कितनी भी तेज ह़ो,

नसीब के बिना नही जीत सकती..

,

बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,

कभी बादशाह नही बन सका...!!"

,

"ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो,

ना ही तुम अपने कंधे पर सर

रखकर रो सकते हो !

,

एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है! इसलिये वक़्त उन्हें दो जो

तुम्हे चाहते हों दिल से!

,

रिश्ते पैसो के मोहताज़ नहीं होते क्योकि कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते पर

जीवन अमीर जरूर बना देते है "

,

आपके पास मारुति हो या बीएमडब्ल्यू -

सड़क वही रहेगी |

,

आप टाइटन पहने या रोलेक्स -

समय वही रहेगा |

,

आपके पास मोबाइल एप्पल का हो या सेमसंग -

आपको कॉल करने वाले लोग नहीं बदलेंगे |

,

आप इकॉनामी क्लास में सफर करें

या बिज़नस में -

आपका समय तो उतना ही लगेगा |

,

,

एक सत्य ये भी है कि धनवानो का आधा धन तो ये जताने में चला जाता है की वे भी धनवान हैं |

,

कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है....

पर रोटी की साईज़ लगभग

सब घर में एक जैसी ही होती है।

बदला लेने में क्या मजा है

मजा तो तब है जब तुम

सामने वाले को बदल डालो..||

,

इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,

और परिंदे सोचते है रहने को घर मिले...!!

💕इसलिए कहा जाता है-💘

💕बसना हो तो...

'ह्रदय' में बसो किसी के..!

'💕💘दिमाग' में तो..

लोग खुद ही बसा लेते है..!!

स्त्री के बगैर पुरुष की जिंदगी बेकार है ।
*पुरुष को हमेशा
*स्त्री *का साथ चाहिए ।
मंदिर में कृष्ण के साथ *** राधा या
***  रुक्मणी।
राम के साथ ***सीता ।
शंकर के साथ
*** पार्वती । 
  ऐसे ही नहीं होते । 
  हम मनुष्यों में भी देखो ।
*** पढते समय विद्या । *** फिर लक्ष्मी ।
***और लास्ट मे शांति ।
*** सुबह उषा के साथ दिन की शुरुआत होती है ***  और संध्या के साथ दिन समाप्त ।किन्तु काम तो
*** अन्नपूर्णा के लिए ही करना है ।
*** निशा के समय भी
*** निंदिया रानी
सोने के बाद भी
*** सपना
मंत्रोचार करते समय
*** गायत्री ।
ग्रंथ पढें तो *** गीता ।
मंदिर में भगवान के सामने *** वंदना *** पूजा  और *** आरती ।
वो भी  *** श्रद्धा तो साथ ही है ।
उसमें भी अंधेरा हो तो *** ज्योति ।
अकेला पन लग रहा हो तो *** प्रेमवती  एवं
*** स्नेहा
लडाई लडने जाये तो *** जया और
*** विजया
बुढापे मे *** करुणा वो भी *** ममता के साथ ।
गुस्सा आ जाए तब
*** क्षमा
इसीलिए तो धन्य है
*स्त्री* को जिसके  वगेर पुरुष अधूरा है |

रविवार, 28 अक्टूबर 2018

        

          गाँव में *नीम* के पेड़ कम हो रहे है        
          घरों में *कड़वाहट* बढती जा रही है !

          जुबान में *मीठास* कम हो रही है,
          शरीर मे *शुगर* बढती जा रही है !

   किसी महा पुरुष ने सच ही कहा था की जब *किताबे* सड़क किनारे रख कर बिकेगी और *जूते* काँच के शोरूम में तब समझ जाना के लोगों को ज्ञान की नहीं जूते की जरुरत है।



    *"कद्र"* करनी है तो *"जीते जी"* करें
*"मरने"* के बाद तो *"पराए"* भी रो देते हैं
आज *"जिस्म"* मे *"जान"* है तो
        देखते नही हैं *"लोग"*
जब *"रूह"* निकल जाएगी तो
          *"कफन"* हटा हटा कर देखेंगे
*किसी ने क्या खूब लिखा है*
            *"वक़्त"* निकालकर
*"बाते"* कर लिया करो *"अपनों से"*
अगर *"अपने ही"* न रहेंगे
          तो *"वक़्त"* का क्या करोगे
*"गुरुर"* किस बात का... *"साहब"*
आज *"मिट्टी"* के ऊपर
          तो कल "मीट्टीकै नीचे.