✅"मेरा सपना..!!!''कल रात मैंने एक"सपना" देखा.!!सपने में....मैं और मेरी Familyशिमला घूमने गए..!हम सब शिमला की रंगीन वादियों मेंकुदरती नजारा देख रहे थे..!जैसे ही हमारी CarSunset Point की ओरनिकली...अचानक गाडी केBreakफेल हो गएऔर हम सबकरीबन 1500 फिटगहरी खाई में जा गिरे..!मेरी तोon the spot Deathहो गई....जीवन में कुछ अच्छे कर्म किये होंगेइसलिये यमराज मुझेस्वर्ग में ले गये...देवराज इंद्र नेमुस्कुराकरमेरा स्वागत किया...मेरे हाथ में Bag देखकर पूछने लगे''इसमें क्या है..?"मैंने कहा...'' इसमें मेरे जीवन भर की कमाई है, पांच करोड़ रूपये हैं ।"इन्द्र ने 'BRP-16011966'नम्बर के Locker की ओरइशारा करते हुए कहा-''आपकी अमानत इसमें रखदीजिये..!''मैंने Bag रख दी...मुझे एक Room भी दिया...मैं Fresh होकरMarket में निकला...देवलोक के Shopping मॉल मेअदभूत वस्तुएं देखकरमेरा मन ललचा गया..!मैंने कुछ चीजें पसन्द करकेBasket में डाली,और काउंटर पर जाकरउन्हें हजार हजार केकरारे नोटें देने लगा...Manager ने नोटों को देखकर कहा,''यह करेंसी यहाँ नहीं चलती..!''यह सुनकर मैं हैरान रह गया..!मैंने इंद्र के पास Complaint कीइंद्र ने मुस्कुराते हुए कहा कि,''आप व्यापारी होकरइतना भी नहीं जानते..?कि आपकी करेंसीबाजु के मुल्कपाकिस्तान,श्रीलंकाऔर बांगलादेश में भीनही चलती...और आपमृत्यूलोक की करेंसीस्वर्गलोक में चलाने कीमूर्खता कर रहे हो..?''यह सब सुनकर मुझे मानो साँप सूंघ गया..!मैं जोर जोर से दहाड़े मारकररोने लगा.और परमात्मा सेदरखास्त करने लगा, ''हे भगवान्.ये...क्या हो गया.?''''मैंने कितनी मेहनत सेये पैसा कमाया..!''''दिन नही देखा, रात नही देखा,"'' पैसा कमाया...!''''माँ बाप की सेवा नही की,पैसा कमाया,बच्चों की परवरीश नही की,पैसा कमाया....पत्नी की सेहत की ओरध्यान नही दिया, पैसा कमाया...!''''रिश्तेदार, भाईबन्द, परिवार औरयार दोस्तों से भी किसी तरह कीहमदर्दी न रखते हुएपैसा कमाया.!!"''जीवन भर हाय पैसाहाय पैसा किया...!ना चैन से सोया, ना चैन से खाया...बस,जिंदगी भर पैसा कमाया.!''''और यह सब व्यर्थ गया..?''''हाय राम,अब क्या होगा..!''इंद्र ने कहा,-''रोने से कुछ हासिल होने वालानहीं है.!! ""जिन जिन लोगो नेयहाँ जितना भी पैसा लाया,सब रद्दी हो गया।""जमशेद जी टाटा के55 हजार करोड़ रूपये,बिरला जी के47 हजार करोड़ रूपये,धीरू भाई अम्बानी के29 हजार करोड़अमेरिकन डॉलर...!सबका पैसा यहां पड़ा है...!"मैंने इंद्र से पूछा-"फिर यहां पर कौनसी करेंसीचलती है..?"इंद्र ने कहा-"धरती पर अगर कुछ अच्छे कर्मकिये है...!जैसे किसी दुखियारे कोमदद की, किसी रोते हुए कोहसाया, किसी गरीब बच्ची कीशादी कर दी, किसी अनाथ बच्चे कोपढ़ा लिखा कर काबिल बनाया...! किसी को व्यसनमुक्त किया...!किसी अपंग स्कुल, वृद्धाश्रम या मंदिरों में दान धर्म किया...!""ऐसे पूण्य कर्म करने वालों कोयहाँ पर एक Credit Cardमिलता है...!और उसे वापर कर आप यहाँस्वर्गीय सुख का उपभोग लेसकते है..!''मैंने कहा,"भगवन....मुझे यह पतानहीं था. इसलिए मैंने अपना जीवन व्यर्थ गँवा दिया.!!""हे प्रभु, मुझे थोडा आयुष्य दीजिये..!''और मैं गिड़गिड़ाने लगा.!इंद्र को मुझ पर दया आ गई.!!इंद्र ने तथास्तु कहा और मेरी नींद खुल गयी..!मैं जाग गया..!अब मैं वो दौलत कमाऊँगाजो वहाँ चलेगी..!!
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