ऐ हैलो, मैं आपसे पूछ रहा हूँ, समय है क्या ?आदमी ने विज्ञान के जरिये हजार प्रकार की तकनीकों को ईजाद किया है। उसके सहारे दिनों का काम घण्टों में और घण्टों का काम मिनटों में होने लगा है । घर बैठे दुनिया भर से सवांद कर लेते हैं।इन सारी सुविधाओं के चलते आपका बहुत समय बचना चाहिए था, लेकिन फिर भी हम कहते हैं मेरे पास समय नही है।दूसरे के लिए कुछ करने का समय नही है, संबंधों में जीने का समय नही है।आखिर क्यों?भरा पूरा परिवार है। पति-पत्नी आमने सामने बैठे हैं लेकिन उनकी गर्दन उनके हाथ में टिके एक छोटे से स्मार्ट फोन पर झुकी हुई है।फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर और सेल्फी से लिए गए सैंकड़ों चित्र देखने गर्दन झुकाए व्यस्त हैं। जय हो। वैज्ञानिक रिसर्च यह भी है कि स्मार्ट फोन पर आधे घण्टे से ज्यादा आँखे टिकाये रखने से आप भेंगेपन (क्रॉस-आइ) के शिकार हो सकते हैं। आपकी गर्दन तो वैसे ही अकड़ जायगी। आप सिर उठाकर जीना भूल जाएंगे। यह घटना अब करोड़ों लोगों के जीवन में बड़े पैमाने पर घटने वाली है, यह आपका स्टेटस अपडेट होगा।फिर आपके पास कुछ भी करने का समय नही होगा। ऐ हैलो, अब भी समय है !
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