शुक्रवार, 3 जून 2016

...पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ,..आँसू छिपाते हो फेर कर नज़रे,..इतना फीका मुस्कुराया न करो ..पापा मुझे छोड़ने आया न करो ... हिदायत से  घर भर की लाइट्स बुझाते ,... सोच कर भी न कितने सामान खरीदते ,...गाड़ी का माइलेज चेक करते रहते ,...मेरे हाथ में ए टी एम थमाया न करो ... पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो । ...पानी की बॉटल रखी या नही,...टिकट कही भूली तो नही ,...पर्स में खुले पैसे रखे या नही ..इतना नम प्यार जताया न करो ....पापा मुझे छोड़ने आया न करो । सीट के नीचे बैग जमाते ,ध्यान रखना अकेली जा रही,साथ की किसी महिला को बताते, पल पल इतनी चिंता जताया न करो ...पापा  मुझे छोड़ने आया न करो ।पहुँचते ही कर देना फोन ,अब कब होगा आना फिर तुम्हारा ,रग रग कर देते हो तन्हा ,उदासी से सर पर हाथ फिराया न करो ..आप स्टेशन आया न करो ।मैं खामोश रीती हो जाती ,जी भर ऐसे गले लगाया न करो ,दूर तक देखती रह जाती हूँ बिखर कर, ग़मगीन खड़े यू हाथ हिलाया न करो ,.. .....आप स्टेशन आया न करो । चप्पा चप्पा कर देते हो वीरान , रुन्धा गला बेमतलब बातो में छिपाया न करो,मेरा आगा पीछा सोच सोच , अपना कलेजा दुखाया न करो,...... मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो । फ़ोन पे बात न सूझती आपको, लो अपनी माँ से बात करो ,बाद में पूछते उनसे ब्यौरा सारा  ,हमारे नाम पाई पाई के कागज़ बनवाया न करो.... आप स्टेशन आया न करो।

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